Advertisement

CBI ने Rolls Royce के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का केस, समझिए क्या है पूरा मामला

Rolls Royce के निदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में सीबीआई ने केस दर्ज किया है. एयरोस्पेस कंपनी पर हॉक विमानों की खरीद के मामले में कथित गड़बड़ियों को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं.

CBI ने Rolls Royce के खिलाफ दर्ज किया धोखाधड़ी का केस, समझिए क्या है पूरा मामला

Rolls Royce Hawk Aircraft Case

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने ब्रिटिश एयरोस्पेस कंपनी रोल्स रोएस (Rolls Royce) के खिलाफ धोखाधड़ी का एक केस दर्ज किया है. सीबीआई ने यह कार्रवाई 24 Hawk-115 अडवांस जेट ट्रेनर एयरक्राफ्ट की खरीद के मामले में की है. रोल्स रोएस इंडिया, उसके डायरेक्टर टिम जोन्स और कुछ अन्य लोगों जैसे कि सुधीर चौधरी और भानू चौधरी को भी इसमें आरोपी बनाया गया है. साथ ही, कुछ अज्ञात सरकारी और प्राइवेट अधिकारियों के खिलाफ भी धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है.

CBI ने रोल्स रॉयस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से हॉक विमान की खरीद के मामले में भारत सरकार को धोखा देने का आरोप लगाया है. इस डील में बड़े भ्रष्टाचार की बात भी कही गई है. इसी मामले में साल 2019 में रोल्स रॉयस के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने भी केस दर्ज किया था.

यह भी पढ़ें- कर्नाटक की 7 साल की बच्ची ने राहुल गांधी से की अनोखी मांग, बोली 'मेरे दादाजी को मंत्री बनाना चाहिए'

हॉक विमानों की खरीद से जुड़ा है मामला

सीबीआई के अनुसार कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों ने अपने पदों का दुरुपयोग किया और 734.21 मिलियन ब्रिटिश पाउंड में कुल 24 हॉक 115 एडवांस जेट ट्रेनर (AGT) विमानों को मंजूरी देकर उनकी खरीदारी को हरी झंडी दिखाई थी.सीबीआई ने इसे भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए केस दर्ज किया है. 

यह भी पढ़ें- फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट के सहारे 3 साल तक करता रहा डॉक्टरी, अब CBI ने दर्ज किया केस

भारतीय PSU के कॉन्ट्रैक्ट के लिए बिचौलियों से डील का आरोप

इस मामले में Rolls Royce पर बड़ा आरोप यह है कि कंपनी ने भारत की कई पब्लिक सेक्टर इकाइयों (PSU) से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए 77 करोड़ रुपये की घूस एक बिचौलिए को दी थी. बिचौलियों और अधिकारियों से की गई इस डील का मकसद 2007 ले 2011 के बीच पब्लिक सेक्टर इकाईयों (PSU's) के कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना था. इनमें सरकारी कंपनियों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (GAIL) शामिल हैं.

यह भी पढ़ें- नई संसद के उद्घाटन मामले में PM मोदी पर बरसे सुब्रमण्यन स्वामी, जानें क्यों कर डाली रावण से तुलना

किसे बनाया था बिचौलिया

कंपनी पर आरोप लगे हैं कि भारतीय पीएसयू के कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए रोल्स रॉयस ने सिंगापुर के अशोक पाटनी और उसकी कंपनी आशमोरे प्राइवेट लिमिटेड सर्विसेज की मदद ली थी और इस कॉन्ट्रैक्ट में बिचौलियों जैसा काम किया था. इस केस से जुड़ा एक लेटर भी भारतीय रक्षा मंत्रालय को रोल्स रॉयस के पाटनी के साथ संबंधों के बारे में पत्र मिला था जिसे जांच के लिए सीबीआई (CBI) के पास भेजा गया था.

यह भी पढ़ें- कैसे बनेगी विपक्ष की एकता? AAP का साथ देने को राजी नहीं हैं दिल्ली और पंजाब कांग्रेस के नेता  

नोटिस जारी कर हो सकती है पूछताछ

आरोप हैं कि इन बिचौलियों के जरिए सरकारी कर्मचारियों के साथ साठगांठ की गई थी और कई सरकारी अधिकारी भी रोल्स रॉयस द्वारा किए गए इस भ्रष्टाचार में शामिल थे. इसके चलते इस केस में सीबीआई ने कई अन्य अज्ञात सरकारी अधिकारियों को भी आरोपी बनाया है. माना जा रहा है कि केस दर्ज करने के बाद अब कभी भी सीबीआई रोल्स रॉयस के निदेशक से लेकर उनके सभी आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए तलब कर सकती है.

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement