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अशोक चक्र अवॉर्डी मेजर मोहित शर्मा ने इंडियन आर्मी की स्पेशल फोर्सेज़ में काम किया था और अपनी बहादुरी के लिए जाने जाते थे. फ़िल्म 'धुरंधर' जिसे CBFC ने काल्पनिक माना, के चलते वो फिर सुर्खियों में हैं. जबकि शहीद मेजर के परिवार का कहना कुछ और था.
रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी स्टारर धुरंधर के बाद तमाम चीजें चर्चा में हैं और इन्हीं चर्चाओं में शामिल है स्वर्गीय मेजर मोहित शर्मा के रूप में वो नाम जिसे आज न केवल लोग याद कर रहे हैं बल्कि ये भी कह रहे हैं कि अगर मेजर मोहित शर्मा देश के लिए शहीद न होते तो निर्देशक आदित्य धर शायद इस फिल्म को न बना पाते। हालिया रिलीज फिल्म धुरंधर के बैकड्रॉप में जिक्र शहीद हुए इस मेजर का हुआ है तो बताना जरूरी हो जाता है कि स्वर्गीय मेजर मोहित शर्मा इंडियन आर्मी की एलीट स्पेशल फोर्सेज़ के एक सम्मानित ऑफिसर थे. एक ऐसे इंसान जिनकी हिम्मत और बलिदान की वजह से उन्हें भारत में शांति के समय का सबसे बड़ा बहादुरी सम्मान, अशोक चक्र मिला.
हरियाणा के रोहतक में जन्मे, मेजर मोहित शर्मा इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) से पास आउट होने के बाद दिसंबर 1999 में ऑफिसर रैंक में शामिल हुए. बाद में उन्होंने 1st पैरा (स्पेशल फोर्सेज़) के लिए अपनी मर्ज़ी से काम किया, जहां उन्होंने बहुत जोखिम भरे गुप्त ऑपरेशन किए.
2004 में, 'इफ्तिखार भट्ट' के नाम से, उन्होंने जम्मू और कश्मीर में एक मिलिटेंट ग्रुप में सफलतापूर्वक घुसपैठ की, और दो वरिष्ठ आतंकियों को मार गिराया. इस कामयाबी के लिए उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया गया.
दुख की बात है कि मार्च 2009 में, कश्मीर के कुपवाड़ा में एक काउंटर-टेरर ऑपरेशन के दौरान, मेजर शर्मा ने एक असॉल्ट टीम को लीड किया, कई आतंकवादियों को मार गिराया, भारी गोलीबारी में अपने साथियों को बचाया. लेकिन इस दौरान गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौत हो गई.
उनके इस आखिरी बलिदान को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया, जिससे भारत के सबसे बेहतरीन सैनिकों में से एक के तौर पर उनकी पहचान और पक्की हो गई.
लोगों को क्यों लगा कि शहीद मेजर मोहित शर्मा पर बनी है धुरंधर
जब धुरंधर का ट्रेलर आया, तो कई दर्शकों को, जो मेजर शर्मा की कहानी जानते थे. लगा कि फिल्म का मेन कैरेक्टर उनके सफ़र को दिखाता है. यानी एक अंडरकवर ऑपरेटिव, एलीट-फोर्स बैकग्राउंड, घुसपैठ के मिशन. रणवीर सिंह के रफ-टफ, स्पेशल फोर्स लुक और मेजर शर्मा की पब्लिक में शेयर की गई तस्वीरों के बीच काफी समानता ने अटकलों को और हवा दी.
इसके अलावा, मेजर शर्मा के परिवार ने खुद फिल्म की रिलीज़ पर एतराज़ जताया, यह कहते हुए कि इसमें बिना इजाज़त के उनकी ज़िंदगी का फ़ायदा उठाया गया है और पब्लिक रिलीज़ से पहले प्राइवेट स्क्रीनिंग पर कोर्ट के आदेश से रोक लगाने की मांग की.
रणवीर सिंह ने किया किसका रोल?
जिस जिस ने भी फिल्म देखी होगी जानता होगा कि रणवीर सिंह ने जसकीरत सिंह रंगी का रोल किया है, जो एक बहुत ही स्पेशलाइज़्ड और क्रूर IB जासूस है, जिसे हमज़ा अली मज़ारी के अंडरकवर नाम से जाना जाता है.
यह कैरेक्टर कोई आम एजेंट नहीं है. वह एक इंडियन इंटेलिजेंस ऑपरेटिव है जिसे एक डार्क बैकग्राउंड से भर्ती किया गया है, कहा जाता है कि वह पहले कैदी या सज़ायाफ़्ता रह चुका है, जिसे बेकार समझा जाता है और 'किलिंग मशीन' बनने के लिए ट्रेन किया जाता है.
उसका मिशन 'ऑपरेशन धुरंधर' का सेंटर है, जहां उसे कराची के ल्यारी इलाके के खतरनाक अंडरवर्ल्ड में घुसना है, खासकर बदनाम गैंगस्टर रहमान डकैत के लीडरशिप वाले टेररिस्ट नेटवर्क को टारगेट करना है.
गौरतलब है कि रिलीज़ से पहले, फिल्म के डायरेक्टर, आदित्य धर ने सबके सामने धुरंधर और मेजर शर्मा की ज़िंदगी के बीच किसी भी तरह के लिंक से इनकार किया था. उन्होंने साफ किया तह कि यह फिल्म पूरी तरह से एक फिक्शनल स्पाई थ्रिलर है, न कि मेजर मोहित शर्मा की बायोपिक.
इसके बाद, सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (CBFC) ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर फ़िल्म को दोबारा देखने के बाद यह नतीजा निकाला कि धुरंधर का मेजर शर्मा की ज़िंदगी से कोई सीधा या अप्रत्यक्ष रूप से कोई लेना-देना नहीं है, और इसे एक फिक्शन के तौर पर एडल्ट सर्टिफ़िकेट दिया.
बहरहाल, मेजर मोहित शर्मा की कहानी हिम्मत, त्याग और चुपचाप सेवा करने का सबूत है. एक स्पेशल-फ़ोर्स ऑफ़िसर जिसने अपनी मर्ज़ी से खतरनाक अंडरकवर रोल किए, इज़्ज़त से ज़्यादा इंटेलिजेंस को अहमियत दी, और एक मिशन के दौरान अपनी जान दे दी और बहादुरी के लिए सबसे बड़ा सम्मान हासिल किया.