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Who is IPS Rashmi Karandikar: आईपीएस रश्मि करंदीकर के पति पुरुषोत्तम चव्हाण पर 11 अन्य लोगों के साथ मिलकर कई शहरों में सरकारी फ्लैट दिलाने के नाम पर 24 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है. इस मामले में दो FIR दर्ज हो चुकी हैं.
Who is IPS Rashmi Karandikar: महाराष्ट्र की IPS अफसर रश्मि करंदीकर का नाम एक बार फिर अपने पति के कारण चर्चा में आ गया है. रश्मि के पति पुरुषोत्तम चव्हाण को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (Mumbai EoW) ने फिर से गिरफ्तार करने की तैयारी कर ली है. पिछले महीने भी EoW ने पुरुषोत्तम चव्हाण को 24.78 करोड़ रुपये के रियल एस्टेट स्कैम के मामले में गिरफ्तार किया था. अब EoW ने पुरुषोत्तम को 7.42 करोड़ रुपये के घोटाले में गिरफ्तार करने की तैयारी की है. पिछले महीने गिरफ्तारी के बाद पुरुषोत्तम फिलहाल जेल में ही बंद है, जहां से दूसरे मामले में गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की तैयारी EoW ने की है. इसके लिए EoW ने कोर्ट से प्रॉडक्शन वारंट भी हासिल कर लिया है. पुरुषोत्तम चव्हाण के बैंक खाते में भी ईओडब्ल्यू को 2.64 करोड़ रुपये मिले हैं, जिन्हें लेकर IPS रश्मि करंदीकर (IPS Rashmi Karandikar) पर भी शिकंजा कसा जा रहा है. उधर, रश्मि ने अपने पति से तलाक लेने के लिए मुकदमा दायर कर दिया है.
पुरुषोत्तम से पूछा है पैसे का सोर्स, DGP महाराष्ट्र से भी मांगी है जानकारी
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, ईओडब्ल्यू ने खाते में इतना पैसा आने को लेकर पुरुषोत्तम से जवाब मांगा है. फिलहाल रश्मि को इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन उनके खिलाफ भी ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू कर दी है. ईओडब्ल्यू महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक को भी पत्र लिखकर रश्मि की संपत्ति से जुड़ी घोषणा की जानकारी मांगी है, जिसका मकसद यह जानना है कि 2017 से 2018 के बीच 90 दिनों के अंदर अपने खाते में इतनी बड़ी रकम आने का खुलासा रश्मि ने संपत्ति की घोषणा किया है या नहीं.
क्या है पूरा मामला
पुरुषोत्तम चव्हाण और 11 अन्य के खिलाफ मुंबई, ठाणे और पुणे में सरकारी फ्लैट रियायती दरों पर दिलाने के नाम पर ठगी करने का आरोप है. आरोप है कि इन सभी ने 20 पीड़ितों से 24.78 करोड़ रुपये ठगे हैं. चव्हाण ने खासतौर पर पुणे, पनवेल, सेवरी और बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट के प्लॉटों में सरकारी फ्लैट दिलाने के लिए अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया है. इस मामले में ईओडब्ल्यू ने इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग की दो अलग-अलग FIR इसी साल फरवरी में दर्ज की है. एक FIR के सिलसिले में चव्हाण को मई में गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया गया था. चव्हाण के खिलाफ 263 करोड़ रुपये के आयकर रिफंड की धोखाधड़ी की भी अलग से जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रही है.
ईओडब्ल्यू के बुलाने पर रश्मि ने तबीयत खराब होने की बात कही
ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी के मुताबिक, आईपीएस रश्मि के खाते में पैसे ट्रांसफर किए थे, लेकिन यह पैसा वापस नहीं हुआ. हमने उनसे फोन पर सवाल-जवाब किए हैं, लेकिन उन्होंने तबीयत खराब होने के कारण मेडिकल छुट्टी पर होने का हवाला दिया है. हमने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया है. उधर, रश्मि करंदीकर ने बांद्रा फैमिली कोर्ट में अपने पति से तलाक लेने के लिए अर्जी दाखिल की है. इसमें पति पर मानसिक उत्पीड़न करने और वित्तीय लेनदेन छिपाने का हवाला दिया गया है. IPS रश्मि ने कोलाबा पुलिस स्टेशन के ऊपर मौजूद अपना सरकारी आवास भी मुंबई पुलिस हेडक्वार्टर में जानकारी दिए बिना ही खाली कर दिया है.
साल 2004 में पुलिस फोर्स जॉइन की थी IPS रश्मि ने
IPS रश्मि करंदीकर ने साल 2004 में पुलिस फोर्स जॉइन की थी. फिलहाल मुंबई पुलिस में DCP सिविल डिफेंस पद पर तैनात रश्मि इससे पहले डीसीपी साइबर सेल मुंबई और डीसीपी पोर्ट जोन भी रह चुकी हैं. साइबर क्राइम एक्सपर्ट मानी जाने वाली रश्मि के लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने साइबर क्राइम से जुड़े कई सर्टिफिकेट कोर्स किए हैं. इनमें Certified Ethical Hacker (CEH), Computer Hacking Forensic Investigator(CHFI) के साथ ही IIT Kanpur से Diploma in Criminology and Criminal Justice शामिल है. डॉ. रश्मि करंदीकर ने सांख्यिकी से BSc. करने के बाद समाजशास्त्र व मानव विज्ञान विषयों से MA की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने समाजशास्त्र में ही PhD की है. अपने करियर में साइबर क्राइम से जुड़े कई अहम केस रश्मि ने हल किए हैं, इनमें नाइजीरियाई जॉब फ्रॉड, प्रधानमंत्री योजना लोन फ्रॉड आदि शामिल हैं.
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