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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक्टिव मेंबर और कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के बेहद करीबी की बीती शाम चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में टिम्बर मार्केट के पास अनजान हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
चंडीगढ़ से एक बड़ी खबर आ रही है. लॉरेंस बिश्नोई गैंग के एक्टिव मेंबर और कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के बेहद करीबी की बीती शाम चंडीगढ़ के सेक्टर 26 में टिम्बर मार्केट के पास अनजान हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान इंदरप्रीत सिंह, 35, उर्फ पैरी के रूप में हुई, जिसे चंडीगढ़ के PGIMER ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया.
चंडीगढ़ पुलिस के IG पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार, 'हमें शाम करीब 6 बजे टिंबर मार्केट के पास फायरिंग की घटना की कॉल मिली. पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पीड़ित को कार में पाया। उसे PGIMER ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं सका.
पुलिस के मुताबिक पहली नज़र में, ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावर पैरी को जानते थे, जिसके खिलाफ करीब एक दर्जन क्रिमिनल केस दर्ज थे. शूटरों की पहचान करने और हमले से पहले पीड़ित की मूवमेंट का पता लगाने के लिए इलाके के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है.
IG ने कहा, 'हम हमलावरों का पता लगा रहे हैं. हत्या की FIR दर्ज कर ली गई है.' पुलिस ने कहा कि हमलावरों ने करीब 9-10 राउंड गोलियां चलाईं जिसमें से पांच पैरी की किआ सेल्टोस कार की विंडशील्ड पर लगीं थीं. बताया ये भी जा रहा है कि हमलावर, जो कथित तौर पर एक कॉम्पैक्ट SUV में थे, घटना के बाद भाग गए.
जिक्र पैरी का हुआ है तो बताते चलें कि बीते 13 नवंबर को ही उसकी शादी हुई थी.
लॉरेंस के साथ हवालात में गुजारे थे कई दिन
पैरी के संबंध में जो जानकारियां बाहर आ रही हैं यदि उनपर यकीन किया जाए तो SOPU का पूर्व नेता, 14 साल पहले लॉरेंस के साथ जेल गया था. पिछले दस सालों में, सेक्टर-33 में रहने वाले 35 साल के इस शख्स का नाम बार-बार चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस द्वारा जांच किए गए एक्सटॉर्शन, हथियार बरामदगी और मारपीट के मामलों में आया था.
पुलिस ने यह भी बताया है कि पैरी के खिलाफ पंजाब और चंडीगढ़ में कई क्रिमिनल केस दर्ज थे. चंडीगढ़ में, उस पर 14 साल पुराने मारपीट के एक केस में ट्रायल चल रहा था. 14 साल पहले, वह बिश्नोई के साथ जेल गया था.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, बिश्नोई, पैरी और उनके साथियों ने सेक्टर 40 में एक घर में जबरदस्ती घुसकर एक आदमी पर हमला किया था, जिसके बाद केस दर्ज किया गया था.
इस मामले में ट्रायल अभी भी चल रहा है, जिसमें बिश्नोई का नाम भी आरोपी के तौर पर है. यह मामला 28 जून, 2011 का है, जब शिकायत करने वाले हरप्रीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि रात करीब 8.45 बजे, लॉरेंस और उसके पांच साथी, जिनके पास पिस्टल और तलवारें थीं. उसके घर में घुस आए और उस पर और उसके दोस्तों पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए. आरोपियों ने कथित तौर पर भागने से पहले उन्हें जान से मारने की धमकी दी.
बाद में पुलिस ने पैरी समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया. बिश्नोई को 30 जुलाई, 2011 को गिरफ्तार किया गया था और अप्रैल 2012 में चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में चार्जशीट फाइल की गई थी.
आरोपों ने बताया शातिर अपराधी था पैरी
ध्यान रहे कि पैरी का पुलिस के साथ अक्सर टकराव होता रहता था. उसे पहले पंजाब पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर के एक होटल से गिरफ्तार किया था और मार्च 2022 में UT पुलिस ने उसे ट्राइसिटी के बिजनेसमैन और क्लब और होटल के मालिकों को जबरन वसूली के कॉल करने के आरोप में पकड़ा था.
DAV कॉलेज, सेक्टर 10 के स्टूडेंट रह चुके पैरी के विषय में माना जाता है कि वह ग्रेजुएशन के दिनों में बिश्नोई के साथ ऑर्गनाइज्ड क्राइम की दुनिया में आया था, जो उस समय उसका क्लासमेट था. उनका साथ एक क्रिमिनल पार्टनरशिप में बदल गया, और दोनों का नाम कई केस में आया.
बिश्नोई गैंग के एक्सटॉर्शन नेटवर्क पर 2022 में हुई कार्रवाई के दौरान, चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने पैरी को उसके सेक्टर-33 वाले घर से गिरफ्तार किया था. पुलिस ने तब उसके पास से एक पिस्टल और 10 ज़िंदा कारतूस ज़ब्त किए थे.
बाद में उससे फिर पूछताछ हुई थी जिसमें 10 कारतूस वाली एक ग्लॉक पिस्टल और 10 कारतूस वाली एक US-मेड राइफल बरामद हुई. हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ महीने बाद उसे ज़मानत पर रिहा कर दिया गया था.