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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रवक्ता और वकील रत्ना सिंह कौन हैं, अभिजीत दिपके से उनका क्या संबंध है और जंतर-मंतर के सफल आंदोलन के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां क्यों मिल रही हैं? इन सभी प्रश्नों के जवाब आपको इसी लेख में मिल जाएंगे.
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सफल आंदोलन ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इस बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन के पीछे 2-4 ऐसे चेहरे हैं, जिनकी सबसे अहम भूमिका रही है, उनमें सीजेपी की प्रमुख प्रवक्ता और जानी-मानी वकील रत्ना सिंह का नाम सबसे ऊपर आता है. सीजेपी पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके की बेहद करीबी रत्ना सिंह इन दिनों अपने बयानों और हालिया धमकियों को लेकर काफी चर्चा में बनी हुई हैं. दरअसल प्रवक्ता को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी है.
हाल ही में कॉकरोच जनता पार्टी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर केंद्र सरकार को सीधी चेतावनी दी थी. पार्टी ने साफ शब्दों में कहा था कि अगर देश भर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए केस को वापस नहीं लिए गए, तो वे फिर से जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे. इस दौरान सीजेपी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार समझौते की शर्तों का उल्लंघन कर रही है. इसी सिलसिले में देर रात सीजेपी पार्टी के प्रवक्ताओं ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी थी, जिसके बाद से रत्ना सिंह और उनके सहयोगियों के बारे में जानने के लिए लोग उत्सुक हैं.
रत्ना सिंह, कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना के बाद से इसके मुख्य नेतृत्व का अभिन्न हिस्सा रही हैं. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पार्टी के गठन के समय ही उन्हें मजबूत और रणनीतिक जिम्मेदारी सौंपी थी. रत्ना सिंह, पार्टी की कोर कमेटी में शामिल होने वाली अभिजीत दिपके की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक हैं. जंतर-मंतर पर हुए ऐतिहासिक प्रदर्शन के दौरान मंच संचालन, रणनीति तैयार करने, मीडिया से संवाद और सोशल मीडिया अभियानों को संभालने में रत्ना सिंह ने ही अहम भूमिका निभाई थी.
राजनीति और सीजेपी पार्टी के मामलों में एक्टिव रहने से पहले रत्ना सिंह का करियर बेहद शानदार और प्रभावशाली रहा है. वह सिर्फ एक राजनीतिक प्रवक्ता ही नहीं, बल्कि पेशे से एक कुशल वकील भी हैं. रत्ना अभी दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत की प्रैक्टिस करती हैं. इसके अलावा, वह लीगल जर्नलिस्ट के रूप में भी कई प्रतिष्ठित मंचों पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. युवा वर्ग से ताल्लुक रखने वाली रत्ना ने अपने कानूनी ज्ञान और तीखे तर्कों के दम पर बहुत कम समय में किसी पार्टी के अंदर अपनी जगह बनाई है.
नीट पेपर लीक पर CJP के इस आंदोलन के बाद से पार्टी के प्रमुख नेताओं को धमकी मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है. इन दिनों रत्ना सिंह को भी धमकियां मिल रही हैं. इसके पीछे का मुख्य कारण, छात्र आंदोलन की सफलता और सरकार पर बना राजनीतिक दबाव माना जा रहा है. अब इसी विरोध के चलते उन्हें और उनक अन्य प्रवक्ताओं को विरोधियों की तरफ से लगातार धमकियों का सामना करना पड़ रहा है.
सीजेपी की कोर टीम में रत्ना सिंह के अलावा सौरव दास, आशुतोष रांका, आफरीन नवाज और वैष्णवी गौर जैसे नाम शामिल हैं. इनके एकजुट होकर प्रयास करने से ही सरकार को भी आंदोलन के आगे झुकना पड़ा था.
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