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Crypto Fraud Case क्या है, जिसमें CBI ने एकसाथ देश में 60 जगह मारे छापे

What is Crypto Fraud Case: सीबीआई ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में दिल्ली, पुणे, नांदेड़, चंडीगड़ बेंगलुरु समेत 60 जगह एक साथ छापा मारा है.

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Crypto Fraud Case क्या है, जिसमें CBI ने एकसाथ देश में 60 जगह मारे छापे
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What is Crypto Fraud Case: साल 2015 के क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड (Crypto Currency Fraud) केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है. गेन बिटकॉइन स्कैम (Gainbitcoin Scam) के नाम से भी चर्चित हुए इस फ्रॉड में सीबीआई ने एकसाथ देश में 60 जगह छापेमारी की है. ये छापे दिल्ली-NCR, बेंगलुरु, पुणे, नांदेड़, कोल्हापुर, चंडीगढ़ आदि शहरों में मारे हैं. इस छापेमारी में क्या-क्या मिला है, यह अभी तक सीबीआई ने किसी को नहीं बताया है. इससे पहले भी सीबीआई ने इस मामले में 15 फरवरी को दिल्ली-हरियाणा में 11 जगह छापे मारे थे. तब सीबीआई ने 1.08 करोड़ रुपए नगद, 1000 अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा, 252 ग्राम सोना, छह लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन और एक आईपैड जब्त किया था.

फर्जी वेबसाइटों के जरिये की गई थी ठगी
साल 2015 में क्रिप्टो फ्रॉड को अंजाम दिया गया था. इसे अंजाम देने वालों में अमित भारद्वाज, अजय भारद्वाज और उनके एजेंट शामिल थे. अमित की अब मौत हो चुकी है. इन सभी ने नामी क्रिप्टो एक्सचेंज वेबसाइटों की नकली वेबसाइट्स बनाकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया था, जिसमें बड़े पैमाने पर लोगों से क्रिप्टोकरेंसी में लाभ कमाने के नाम पर इन्वेस्टमेंट कराकर वो पैसा ठग लिया गया था. अमित और अजय ने Variabletech Pte. Ltd. नामक कंपनी बनाकर GainBitcoin और कई ऐसी ही नामी क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाई थी. इन सभी वेबसाइट्स के जरिये पोंजी स्कीम के तहत निवेश कराया गया था.

18 महीने में 10 फीसदी रिटर्न देने का किया था वादा
अमित और अजय भारद्वाज ने लोगों को बिटकॉइन में अपनी वेबसाइट्स के जरिये पैसा लगाने को कहा और 18 महीने तक पैसा लगाने पर 10 फीसदी रिटर्न देने का वादा किया. दोनों ने शुरुआत में 'क्लाउड माइनिंग' कॉन्ट्रेक्ट कर निवेशकों को रिटर्न भी दिया. साल 2017 में निवेशक घटने से योजना फ्लॉप हो गई तो उन्होंने सारे पैसे को अपनी क्रिप्टोकरेंसी MCAP में बदल दिया और बिटकॉइन की बजाय निवेशकों को रिटर्न के तौर पर यह करेंसी देने लगे.

लोगों ने की दोनों के खिलाफ शिकायत तो दर्ज हुए केस
अमित और अजय के अपनी क्रिप्टोकरेंसी में पैसा बदल देने से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ. इसके बाद पूरे देश में उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए. कई राज्यों में फैले होने के कारण इस घोटाले की जांच CBI को सौंप दी गई थी. CBI ने अपनी कार्रवाई के दौरान इस बहुत सारे डिजिटल सबूत जुटाए हैं. 

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