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130th Constitutional Amendment Bill 2025: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में तीन बिल पेश किए. इनमें से एक बिल संवैधानिक पद पर बैठे नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा है. NDA के नेता इस बिल का स्वागत कर रहे हैं, वहीं विपक्ष ने इस बिल को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है...
130th Constitutional Amendment Bill 2025: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद के मानसून सत्र में 20 अगस्त को तीन बिल पेश किए. इनमें से एक बिल संवैधानिक पद पर बैठे नेताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा है. इस बिल में ये प्रावधान है कि अगर PM, CM, सांसद, विधायक या संवैधानिक पदों पर बैठा कोई व्यक्ति एक महीने तक जेल में रहता है तो उसे अपने पद से इस्तीफा देना होगा. NDA के नेता इस बिल का स्वागत कर रहे हैं, वहीं विपक्ष ने इस बिल को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है.
बता दें कि मार्च, 2024 में जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्डरिंग मामले में ED ने गिरफ्तार किया था तब उन्होंने पद से इस्तीफा नहीं दिया था. उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के छह महीने बाद इस्तीफा दिया था. इस दौरान BJP ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल के इस्तीफा नहीं देने की वजह से दिल्ली में काम रुके हुए हैं. बीजेपी लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रही थी.
इस बिल के मुताबिक, मंत्री पद पर बैठे किसी व्यक्ति को अगर गिरफ्तार करके लगातार 30 दिन तक हिरासत में रखा जाता है और उन पर किसी ऐसी धारा में केस दर्ज हो जिसमें पांच साल या उससे लंबी अवधि की सज़ा हो सकती है, तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है. बिल में लिखा है कि मंत्री को हिरासत में लिए जाने के 31वें दिन प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं.
इस बिल का NDA के नेता स्वागत कर रहे हैं. JDU सांसद संजय कुमार झा ने बिल का समर्थन करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि जिन लोगों ने संविधान बनाया है, उन्होंने कभी सोचा नहीं होगा कि ऐसा एक दिन आएगा, जब मुख्यमंत्री जेल जाएगा और तिहाड़ से जाकर शासन चलाएगा. लेकिन ऐसे नेता आए, जिन्हें कोर्ट ने जेल भेज दिया, और उसके बावजूद वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहे. ऐसे में सरकार का यह बिल एक स्वागतयोग्य कदम है."
दिल्ली के भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा, "हमारा भारत भ्रष्टाचार से मुक्त होना चाहिए, और प्रधानमंत्री इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और दृढ़ हैं. संविधान निर्माताओं ने कभी नहीं सोचा था कि कोई व्यक्ति इस्तीफा दिए बिना जेल से शासन करेगा."
130th Constitutional Amendment Bill 2025- विपक्ष इस बिल का विरोध कर रहा है और सरकार पर भविष्य में इसका दुरुपयोग करने की आशंका जता रहा है. वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "मैं इसे पूरी तरह से गलत मानती हूं, क्योंकि यह हर चीज के खिलाफ है. इसे भ्रष्टाचार विरोधी उपाय कहना लोगों की आंखों पर पर्दा डालने जैसा है. कल को आप किसी भी मुख्यमंत्री पर कोई भी मामला लगा सकते हैं, उसे बिना दोषसिद्धि के 30 दिनों के लिए गिरफ्तार कर सकते हैं, और वह मुख्यमंत्री नहीं रहेगा. यह पूरी तरह से संविधान-विरोधी, अलोकतांत्रिक और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है."
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने क्या कहा?
AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "यह विधेयक असंवैधानिक है. प्रधानमंत्री को कौन गिरफ्तार करेगा? कुल मिलाकर, भाजपा सरकार इन विधेयकों के जरिए हमारे देश को पुलिस राज्य बनाना चाहती है. हम इसका विरोध करेंगे. भाजपा भूल रही है कि सत्ता शाश्वत नहीं है."
ममता बनर्जी ने X पर लिखा
ममता बनर्जी ने X पर लिखा, "मैं 130वें संविधान संशोधन बिल की निंदा करती हूं. यह भारत के लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश है. यह एक कठोर कदम है जो लोकतंत्र के लिए घातक है. इस बिल का मकसद एक व्यक्ति-एक पार्टी- एक सरकार का सिस्टम बनाने का है. यह बिल संविधान की मूलभूत संरचना के खिलाफ़ है.'
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