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'बुल्ली बाई' नामक ऐप को सोशल मीडिया पर हैशटैग की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. इस ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की गई हैं.
डीएनए हिंदी: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐप को लेकर बवाल मचा हुआ है. 'Bulli Bai' ऐप को जमकर ट्रोल किया जा रहा है. कहा जा रहा है कि इस ऐप पर मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें अपलोड की गई हैं और उन्हें लेकर अभद्र टिप्पणी की जा रही हैं. इतना ही नहीं, आरोप है कि इन तस्वीरों का सौदा भी किया जा रहा है.
कैसे सामने आया मामला?
'बुल्ली बाई' नामक ऐप को सोशल मीडिया पर हैशटैग की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि उसके साथ भी ऐसा किया गया है. उनकी तस्वीरों का भी अवैध तरीके से इस्तेमाल कर एप पर ट्रोल किया जा रहा था. महिला ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, मुस्लिम महिलाओं को 'डर और घृणा की भावना' के साथ नए वर्ष की शुरुआत करनी पड़ी है. इसके साथ ही उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है.
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी उठाई आवाज
दूसरी तरफ इसे लेकर शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. मामले को उठाते हुए शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि होस्टिंग प्लेटफॉर्म गिटहब का इस्तेमाल करते हुए सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें एक ऐप पर अपलोड की गई हैं.
पहले Sulli deals ने मचाया था बवाल
बता दें कि ये पहली बार नहीं है. इससे पहले 'Sulli deals' पर भी ऐसा ही बवाल मचा था. चार जुलाई, 2021 को ट्विटर पर सुल्ली डील्स के नाम से कई स्क्रीनशॉट साझा किए गए थे. ऐप को 'सुल्ली डील ऑफ द डे' टैग लाइन भी दी गई. बुल्ली बाई की तरह इस ऐप पर भी मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों को आपत्तिजनक कमेंट के साथ शेयर किया गया था.
गिटहब पर फूटा लोगों का आक्रोश
जानकारी के अनुसार, दोनों ऐप (सुली डील और Bulli Bai) को गिटहब पर बनाया गया है. गिटहब एक होस्टिंग प्लेटफॉर्म है जहां ओपन सोर्स कोड का भंडार रहता है. हालांकि इन एप के चलते गिटहब को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है. इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है.
प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि उन्होंने इस मामले को मुंबई पुलिस (Mumbai Police) के सामने उठाया है. प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'मुंबई पुलिस आयुक्त और पुलिस उपायुक्त, क्राइम रश्मि करांदिकर से बात की है वे इसकी जांच करेंगे. महाराष्ट्र के डीजीपी से भी हस्तक्षेप करने के लिए बात की है. उम्मीद है कि इस तरह की गलत साइट के पीछे जो लोग हैं उन्हें पकड़ा जाएगा.'