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Uttar Pradesh News: बनारस में टकराएंगे 'ईद' और 'नवरात्र'? प्रशासन ने दिया 9 दिन मीट की दुकान बंद रखने का आदेश

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मेरठ और संभल में सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक लगने से पहले ही हंगामा मचा हुआ है. अब वाराणसी नगर निगम के आदेश के बाद नया बवाल मचने के आसार बन गए हैं.

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Uttar Pradesh News: बनारस में टकराएंगे 'ईद' और 'नवरात्र'? प्रशासन ने दिया 9 दिन मीट की दुकान बंद रखने का आदेश
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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में ईद से पहले शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई है. लेकिन वाराणसी में एक ऐसा फैसला हुआ है, जिससे हिंदू-मुस्लिम टकराव के आसार बन सकते हैं. दरअसल वाराणसी नगर निगम ने शुक्रवार को कार्यकारिणी बैठक के दौरान नवरात्रि के दिनों में पूरे शहर में मांस-मछली की दुकानों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है. हिंदूवादी संगठनों की मांग पर उठाए गए इस कदम से सवाल खड़े हो गए हैं. दरअसल नवरात्रि का त्योहार 30 मार्च से शुरू हो रहा है, जबकि मुस्लिमों की ईद चांद दिखाई देने के हिसाब से 31 मार्च या 1 अप्रैल को मनाई जा सकती है. ऐसे में वाराणसी नगर निगम के आदेश के चलते मुस्लिम समुदाय को इस बार ईद का त्योहार मांस वाले व्यंजनों के बिना ही मनाने की नौबत आ सकती है. 

मांस की दुकानों पर पर्दे लगवाने की थी मांग
नगर निगम कार्यकारिणी बैठक के दौरान एक सदस्य मदन मोहन दुबे ने शहर में मांस की दुकानों पर पर्दे लगवाने का प्रस्ताव रखा था. साथ ही उन्होंने नवरात्रि के दौरान इन दुकानों को पूरी तरह बंद रखने का प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव को महापौर अशोक कुमार तिवारी ने मंजूर कर लिया. उन्होंने निर्देश जारी किया कि नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान शहर में मांस, मुर्गा, अंडा और मछली की दुकानों पूरी तरह बंद रखी जाएंगी. साथ ही उन्होंने सभी मंदिरों के आसपास सीवर सफाई और लाइटिंग आदि कराने का भी आदेश दिया.

सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगी रोक के बाद नया मुद्दा
उत्तर प्रदेश में मेरठ और संभल समेत कई शहरों में अलविदा जुमे की नमाज सड़क पर पढ़े जाने पर रोक लगा दी गई थी. मेरठ और संभल में ऐसा करने वाले पर कठोर कानूनी कार्रवाई और पासपोर्ट तक जब्त कर लेने का आदेश दिया गया था. इसे विपक्षी दलों ने मुद्दा बना रखा था. समाजवादी पार्टी ने इसे लेकर सत्ताधारी भाजपा पर तीखा निशाना साधा था. अब वाराणसी नगर निगम के आदेश के बाद विपक्षी दलों को राज्य सरकार पर हमला बोलने का एक और मुद्दा मिलना तय हो गया है.

पीएम मोदी का चुनाव क्षेत्र है बनारस
बनारस यानी वाराणसी लोकसभा सीट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनावी क्षेत्र है, जहां से पीएम मोदी साल 2014 से लगातार लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. वाराणसी बाबा विश्वनाथ मंदिर के चलते वैसे ही विश्वप्रसिद्ध है, लेकिन पीएम का चुनाव क्षेत्र होने से विपक्षी दल यहां के मुद्दों पर खास ध्यान देते हैं. इसके चलते मांस की दुकानों को ईद पर बंद रखने के आदेश को लेकर ज्यादा हंगामा मच सकता है.

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