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Kanpur News: आजकल साइबर ठग आपको ऑनलाइन वीडियो कॉल करके नकली पुलिस या सीबीआई अफसर बनकर 'हाउस अरेस्ट' कर रहे हैं और लाखों रुपये ठग ले रहे हैं. कानपुर के एक युवक ने उल्टा साइबर ठग को ही ठग लिया था.
Kanpur News: 'हाउस अरेस्ट' के जरिये ठगी के कारनामे बढ़ते ही जा रहे हैं. साइबर ठग खुद को नकली पुलिस या सीबीआई अफसर बनकर झूठे केस का डर दिखाते हैं और फिर कई घंटे या कई दिन तक हाउस अरेस्ट करके लाखों रुपये ठग लेते हैं. लेकिन आपको कानपुर का कुछ दिन पुराना वो मामला याद होगा, जिसमें एक युवक ने हाउस अरेस्ट का डर दिखा रहे साइबर ठग के साथ चालाकी करते हुए उल्टा उसे ही ठग लिया था. उस युवक ने साइबर फ्रॉड से 10,000 रुपये ठग लिए थे. इस युवक की हर तरफ तारीफ हो रही थी. अब इस युवक की चतुराई के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे सम्मानित किया है. खुद प्रदेश के पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार और मंत्री असीम अरुण ने एक कार्यक्रम में युवक की चतुराई की तारीफ करते हुए उसे सम्मानित किया है.
अश्लील वीडियो के केस में फंसाने का डर दिखा रहा था ठग
कानपुर के भूपेंद्र को एक ठग ने सीबीआई अफसर बताते हुए फोन किया था. ठग ने उस पर अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाते हुए उसे 16,000 रुपये देने पर केस बंद करने का लालच दिया था. भूपेंद्र उस ठग की ठगी को पकड़ गया था और उसने चतुराई दिखाते हुए उल्टा कई बार में उस ठग से ही 10,000 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए थे. इसके बाद ठग बीच में ही कॉल बंद करके भाग गया था. भूपेंद्र की यह चतुराई सोशल मीडिया पर बेहद वायरल हुई थी और लोगों ने उसकी तारीफ की थी.
साइबर क्राइम विंग जारी करेगी भूपेंद्र की वीडियो
आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर पुलिस की साइबर क्राइम विंग अब भूपेंद्र की इस चतुराई पर एक वीडियो बना रही है. इस वीडियो में दिखाया जाएगा कि किस तरह भूपेंद्र ने उल्टा साइबर ठग को ही ठगी का शिकार बना लिया. इसके लिए कानपुर के पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार और एडिशनल कमिश्नर हरीश चंदर ने हाल ही में भूपेंद्र से मिलकर उसके तरीके की पूरी जानकारी ली थी. इस वीडियो का मकसद जनता को जागरूक बनाना है ताकि लोग साइबर क्राइम को समझ सकें और ठगी से बच सकें.
हाउस अरेस्ट जैसा नहीं है कोई कानून
आपको बता दें कि वीडियो कॉल पर हाउस अरेस्ट जैसी कोई भी कार्रवाई भारतीय कानून में नहीं हैं. यदि आपको कोई ऐसी धमकी देता है तो समझ जाएं कि वह आपको ठगने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में आप तत्काल अलर्ट हो जाएं और ऐसी कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के किसी भी दबाव में आए बिना उसका सामना करें. हो सके तो तत्काल आप स्थानीय पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम विंग से संपर्क कर उन्हें सारी जानकारी दें और अपने मोबाइल या लैपटॉप की स्क्रीन पर उस ठग के साथ होने वाली बातचीत की रिकॉर्डिंग शुरू कर दें.
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