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चीन-पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब, सीमा पर तनाव, भारत पर अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में क्या-क्या खास? पढ़ें

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ उग्रवादी गुटों को समर्थन देता रहा है.

चीन-पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब, सीमा पर तनाव, भारत पर अमेरिकी खुफिया विभाग की रिपोर्ट में क्या-क्या खास? पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शहबाज शरीफ और शी जिनपिंग. (फाइल फोटो)

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डीएनए हिंदी: अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते भारत की ताकत के बारे में कई जानकारियां शेयर की हैं. अमेरिकी रिपोर्ट में आशंका जताई जा रही है कि भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन के बीच तनाव बढ़ सकता है और उनके बीच संघर्ष की आशंका है. बुधवार को इस रिपोर्ट को संसद में पेश किया गया, जिसमें भारत के बारे में कई अहम खुलासे किए गए हैं. 

खुफिया तंत्र के मुताबिक ऐसी आशंका है कि पाकिस्तानी उकसावों की स्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत पहले की तुलना में अधिक सैन्य बल के साथ जवाब देगा. यह मूल्यांकन अमेरिकी खुफिया तंत्र के वार्षिक खतरे के आंकलन का हिस्सा है, जिसे राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यालय द्वारा अमेरिकी कांग्रेस के सामने पेश किया गया है.

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भारत-चीन के बीच तनावपूर्ण रहेंगे संबंध

रिपोर्ट के मुताबिक भारत-चीन द्विपक्षीय सीमा विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने में लगे हुए हैं, लेकिन 2020 में देशों की सेनाओं के बीच हुए संघर्ष के मद्देनजर संबंध तनावपूर्ण ही रहेंगे. इस घटना के बाद से दोनों के बीच संबंध गंभीर स्तर पर हैं. 

LAC पर बढ़ेगा सैन्य संघर्ष

रिपोर्ट में कहा गया है, 'विवादित सीमा पर भारत और चीन दोनों द्वारा ‘सेना का विस्तार’ दो परमाणु शक्तियों के बीच सशस्त्र टकराव के जोखिम को बढ़ाता है, जिससे अमेरिकी लोगों तथा हितों को सीधा खतरा हो सकता है. इसमें अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग की जाती है. पिछले गतिरोधों से स्पष्ट है कि LAC पर लगातार छिटपुट संघर्ष बढ़े हैं.

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भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण रहेंगे संबंध

रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव चिंताजनक है. दोनों देश संभवत: 2021 की शुरुआत में नियंत्रण रेखा पर दोनों पक्षों के फिर से संघर्ष विराम पर राजी होने के बाद से अपने संबंधों को मजबूत करने के इच्छुक हैं. 

हर मुहंतोड़ जवाब देगा भारत

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान का आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने का लंबा इतिहास रहा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कथित या वास्तविक पाकिस्तानी उकसावों का जवाब अब भारत द्वारा पहले से कहीं अधिक सैन्य बल के जरिए देने की आशंका है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने एक सवाल के जवाब में कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद-रोधी वार्ता अमेरिका को पाकिस्तान के साथ काम करने की हमारी इच्छा को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है, ताकि आतंकवादी खतरों, हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने, क्षेत्र में मौजूद खतरों से निपटा जा सके. (इनपुट: भाषा)

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