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झुंझुनू के कारी, बख्तावरपुरा और पातुसरी में खुली इन शाखाओं में 11 महीने में 14,876 महिलाओं ने अपने खाते खोले हैं.
डीएनए हिंदी: देश के बैंकों से हजारों करोड़ों का लोन लेकर धनपतियों के विदेश भागने की खबरों के बारे में तो आपने अक्सर सुना ही होगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बैंक के बारे में बताने जा रहे हैं जहां एक साल में किसी भी लोन अकाउंट की एक भी किश्त लेट नहीं हुई यानी यहां कोई भी डिफॉल्टर नहीं है. इसके अलावा इस बैंक की एक खास बात यह है कि यहां अधिकारी-कर्मचारी से लेकर खाताधारक तक सभी महिलाएं हैं.
हम बात कर रहे हैं राजस्थान बड़ौदा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की. यहां पिछले साल मार्च में तीन महिला शाखाएं खोली गई. झुंझुनू के कारी, बख्तावरपुरा और पातुसरी में खुली इन शाखाओं में 11 महीने में 14,876 महिलाओं ने अपने खाते खोले हैं. इनमें से 3,366 महिलाओं को लोन भी दिया गया. जानकारी के अनुसार, इन तीनों शाखाओं ने कुल 116 करोड़ रुपये का कारोबार किया है.
बैंक के रीजनल मैनेजर योगेश कुमार शर्मा के अनुसार, इन शाखाओं के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है जिसके चलते यहां लोन लेने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ी है. योगेश कुमार शर्मा ने बताया, झुंझुनू जिले में बैंक की कुल कर्मचारियों में 24 फीसदी महिलाएं हैं.
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महिला शाखा बख्तावरपुरा
बात अगर महिला शाखा बख्तावरपुरा की करें तो शाखा का कुल व्यवसाय 56.70 करोड़ का है. 5,949 महिला खाताधारकों ने 28.16 करोड़ रुपये जमा कराए हैं. शाखा ने 1,710 महिलाओं को लोन दिया है जिनमें से एक की भी लोन किश्त बकाया नहीं है.
महिला शाखा कारी
महिला शाखा कारी ने 4,716 महिला खाताधारकों को जोड़कर उनसे 12.61 करोड रुपये की राशि ली है. 812 ऋण खातों में से कोई एनपीए नहीं है.
महिला शाखा पातुसरी
वहीं महिला शाखा पातुसरी ने 4,220 महिला खाताधारकों से कुल 16.19 करोड़ रुपये जमा कराए हैं. 844 महिलाओं को बैंक ने लोन भी दिया है और यहां भी एक भी लोन की किश्त बकाया नहीं है.
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