भारत
वारदात से पहले पूजा पाल, उमेश पाल के घर गई थीं. वहां उन्हें गैंगस्टर अतीक अहमद के गुंडे दिखे थे. तभी दोनों में विवाद भड़क गया.
डीएनए हिंदी: प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में हर दिन नए खुलासे हुए हैं. उमेश पाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें यह साफ है कि उसे करीब 7 गोलियां पिस्टल से मारी गई थीं. उमेश के शरीर में 13 गंभीर जख्म देखे गए हैं. हत्या से ठीक एक दिन पहले समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल, उमेश पाल के घर गई थीं.
पूजा पाल, राजू पाल की पत्नी हैं, जिनकी गोली मारकर हत्या हुई थी. पूजा पाल, उमेश पाल की बहन लगती थीं. जब वह 24 घंटे बाद उमेश पाल के घर सांत्वना देने पहुंची तो घरवाले उनपर टूट पड़े. किसी तरह लोगों ने बचाव किया. इस घरेलू मामले के खुलासे के बाद लोग हैरान रह गए.
ये भी पढ़ें- OMG शराब के नशे में दो लड़कों ने कर ली शादी, अगले दिन ससुराल पहुंचा तो मचा हंगामा
क्यों उमेश पाल से नाराज हुईं थीं पूजा पाल?
जब पूजा पाल अचानक उमेश पाल के घर पहुंची तो देखा कि वहां अतीक अहमद के गुर्गे मौजूद हैं. पूजा पाल, उमेश पल के घर से तत्काल लौट गईं. दोनों के बीच इसे लेकर मनमुटाव बढ़ गया था. जब पूजा सांत्वना देने पहुंची तो उन्हें घरवालों की नाराजगी से जूझना पड़ा.
यह भी पढ़ें: इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान प्लेन के हुए दो टुकड़े, Video देखकर उड़ जाएंगे होश
अतीक के पक्ष में उमेश ने दे दी थी गवाही
उमेश राजू पाल हत्याकांड का मुख्य गवाह था. उसने अतीक के पक्ष में गवाही दी थी. उमेश पाल ने एक FIR में कहा कि अतीक अहमद ने उसका अपहरण कर जबरन अपने पक्ष में गवाही करने पर मजबूर की है. पूजा पाल और उमेश पाल के संबंध ठीक नहीं थे.
यह भी पढ़ें: आपस में बातें करते हैं Mushroom, होती है 50 शब्दों की अपनी डिक्शनरी
कब हुई थी विधायक राजू पाल की हत्या?
राजू पाल को धूमनगंज इलाके में गोलियों से भूनकर बीच सड़क पर मार डाला गया था. हत्या का आरोप अतीक अहमद और उसके भाई पर लगा था. यह हत्या 25 जनवरी 2005 को हुई थी.
किन लोगों के खिलाफ केस हुआ है दर्ज?
राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उसके गनर की हत्या के मामले में धूमनगंज थाना में शनिवार को माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
उमेश पाल की पत्नी जया पाल की शिकायत पर धूमनगंज थाना में अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन, उसके दो बेटों, उसके साथी गुड्डू मुस्लिम और गुलाम और नौ अन्य साथियों के खिलाफ IPC की धारा 147, 148, 149, 302, 307, 506, 120-बी, 34, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 3 और आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम, 1932 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
10 टीमें छानबीन में जुटीं
पुलिस आयुक्त रमित शर्मा ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया था कि इस मामले की जांच के लिए आठ से दस टीम बनाई गई है और ये टीम अलग अलग जगह गई हुई हैं. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता लगाया जा रहा है कि हमलावर कितनी संख्या में थे. (इनपुट: PTI)
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.