Advertisement

QUAD की अहम बैठक आज, PM मोदी और बाइडेन समेत ये बड़े नेता होंगे शामिल 

इससे पहले सितंबर 2021 में वॉशिंगटन में क्वाड नेता व्यक्तिगत रूप से मिले थे.

QUAD की अहम बैठक आज, PM मोदी और बाइडेन समेत ये बड़े नेता होंगे शामिल 

ukraine crisis quad virtual meeting today modi biden morrison kishinda will join 

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग (Russia Ukraine War) के बीच क्वाड्रीलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग (QUAD) यानी क्वाड देशों की आज एक अहम वर्चुअल बैठक होने जा रही है. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडेन, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा हिस्सा लेंगे. 

विदेश मंत्रालय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले सितंबर 2021 में वॉशिंगटन में क्वाड नेता व्यक्तिगत रूप से मिले थे. मंत्रालय ने कहा कि चारों नेता एशिया प्रशांत क्षेत्र के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर अपने विचार साझा करेंगे. क्वाड नेता संगठन के एजेंडा के मुताबिक की गई पहल के क्रियान्वयन की भी समीक्षा करेंगे. क्वाड के समकालीन व सकारात्मक एजेंडे को लेकर चारों नेताओं ने पूर्व में पहल की थी.  

यह भी पढ़ेंः Russia Ukraine War: आखिर Kharkiv को निशाना क्यों बना रहा रूस? इतिहास में छिपी है बड़ी वजह

क्वाड क्या है? 
क्वाड भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी वाला एक संगठन है. साल 2007 में जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने इसका प्रस्ताव रखा था, लेकिन उस वक्त ऑस्ट्रेलिया चीन की दबाव में आ गया, जिस वजह से इसका गठन नहीं हो पाया. 2008 में ऑस्ट्रेलिया क्वाड से बाहर हुआ, लेकिन 2017 में उसकी वापसी हो गई. क्वाड के गठन का मूल उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति-स्थिरता स्थापित करना और कानून का पालन सुनिश्चित करना है, लेकिन चीन का मानना है कि चारों देशों ने उसके खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए इसका गठन किया है. 

चीन की घेराबंदी में जुटे अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया इसमें शामिल हुए तो यह ताकतवार क्षेत्रीय संगठन बनकर उभरा. यह संगठन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में लगातार अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश में जुटे चीन को घेरने के इरादे से अपने समूह को मजबूत करता गया. माना जाता है कि आने वाले कुछ समय में यह समूह नाटो की तर्ज पर एशिया-प्रशांत का शक्तिशाली समूह बनकर उभर सकता है. 

हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें. 

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement