भारत
Noida Twin Towers demolition Live Updates: आखिर भ्रष्टाचार की इमारत ध्वस्त कर ही दी गई. एक बटन दबा और 9 सेकेंड में 30 व 32 मंजिला ये इमारत ढहा दी गईं. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन हुआ और लोगों का इंसाफ में यकीन और पक्का हो गया.
डीएनए हिंदी: नोएडा सेक्टर 93 (Noida Sector 93) स्थित सुपरटेक ट्विन टावर (Twin Towers) आज इतिहास की कई घटनाओं का गवाह बन गया है. 30 व 32 मंजिला इमारत और 103 मीटर की ऊंचाई वाले ट्विन टावर को ध्वस्त कर दिया गया है. इसी के साथ नोएडा शहर धुएं के गुबार में डूब गया. ऐसा धमाका हुआ कि जिसके कानों तक आवाज पहुंच वह हर व्यक्ति कांप सा गया. इस दौरान लोगों ने ना सिर्फ वंदे मातरम के नारे लगाए बल्कि तालियां बजाकर आम आदमी की जीत को जश्न का रूप भी दिया. फिलहाल नोएजा की सीईओ रितु महेश्वरी ने बताया है कि 6.30 के बाद ही आसपास की इमारतों में रहने वाले रेजीडेंट्स को अंदर आने की परमीशन दी जाएगी.
अब होगी इसके आगे की तैयारी.इससे जुड़े हर अपडेट को जानने के लिए पढ़ते रहिए डीएनए हिंदी.
यहां देखें वीडियो
यहां पढ़ें ट्विन टावर ढहाए जाने का अब तक का पूरा सफर
> ट्विन टावर ढहाए जाने से पहले कोर्ट के आदेश पर कम से कम 40 लावारिस कुत्तों को रविवार को अस्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया गया. एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) ने अधिकारियों से क्षेत्र में पक्षियों को बचाने के लिए, ट्विन टावरों को तोड़े जाने से ठीक पहले एक 'डमी' विस्फोट या झूठमूठ की गोलीबारी करने का अनुरोध किया है.
Noida, UP | We filed a petition in High Court in 2012. We're very happy to have won this battle of 10 yrs. Long-term benefits of demolition will be seen in 3 months: UBS Teotia, RWA Pres, Emerald Court & petitioner in Twin Towers case, on demolition of #SupertechTwinTowers pic.twitter.com/lZ102XC753
— ANI (@ANI) August 28, 2022
> ट्विन टावर के ध्वस्तीकरण से पहले कंपन (वाइब्रेशन) मापने वाले 15 इंस्ट्रूमेंट लगाए गए. ये इंस्ट्रूमेंट टावर और उसके आसपास स्थित सोसायटी में लगाए गए हैं. मौके पर पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह और जॉइंट कमिश्नर लव कुमार मौजूद हैं.
> ट्विन टावर को ब्लास्ट करके जमींदोज करने का डिजाइन साउथ अफ्रीका के इंजीनियर जो ब्रिंकमैन ने तैयार किया है. ब्रिंकमैन साउथ अफ्रीका कंपनी जेट डिमोलिशन के निदेशक हैं. उन्होंने ही दोनों टावरों का ब्लास्ट डिजाइन तैयार किया है. इस क्षेत्र में उन्हें करीब 40 सालों का अनुभव है. ब्रिंकमैन दूसरे व्यक्ति होंगे जो ब्लास्ट के दौरान ट्रिगर प्वाइंट पर मौजूद रहेंगे. उन्होंने बताया कि ये इमारतें हाई सिसमिक जोन में है. सर्वे से पता चला है कि टावर्स में ब्लास्ट के दौरान 9 मीटर पर 33 एमएम कंपन होगा.
> 32 और 29 मंजिला टिन टावर्स के दौरान सावधानी बरतने के लिए समय 560 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा रिजर्व फोर्स के 100 जवान, 4 टीमें NDRF की मौजूद रहेंगी.
UP | NDRF team arrives for deployment in the area of demolition of #SupertechTwinTowers in Sector 93A
— ANI (@ANI) August 28, 2022
560 police personnel, 100 people from reserve forces, 4 Quick Response Teams are also deployed here pic.twitter.com/Zrjct7VByi
> केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि ट्विन टावर के गिरने से ये साबित होगा कि भारत की सरकार ने सिद्ध कर दिया कि गलत करके कोई नहीं बच सकता. देश की कानून व्यवस्था न्यालयल प्रक्रिया ने ये दिखा दिया है कि यदि आप कुछ गलत करेंगे तो आप बच नहीं सकते. चाहे फिर गलत करने वाला कोई बड़ा व्यक्ति ही क्यों ना हो.

> ट्विन टावर को जमींदोज करने के बाद धूल का गुबार उठेगा. जिससे प्रदूषण बढ़ सकता है. प्रदूषण के स्तर को जांचने के लिए मौके पर एक मशीन लगाई गई है.
#SupertechTwinTowers demolition | Special dust machine installed at demolition site to monitor pollution levels after the demolition takes place in Sector 93A, UP pic.twitter.com/hxzKuzRFPn
— ANI (@ANI) August 28, 2022
> सेक्टर 92A में एमराल्ड कोर्ट और आसपास के एटीएस विलेज सोसाइटी के लगभग 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है. साथ ही करीब 3,000 वाहनों को हटाया गया है. इसके अलावा 150-200 फ्लैट्स को खाली करा लिया गया है.
> ट्विन टावर के पास इवैक्येशन का सायरन बज रहा है. नोएडा पुलिस की तरफ से अनाउंसमेंट किया जा रहा है. लोगों से ट्विन टावर के आसपास के फ्लैट्स को खाली करने के लिए कहा जा रहा है.
> ट्विन टावर (Twin Towers) को गिराने के लिए 3,700 किलोग्राम बारूद लगाई गई है. इसके इमारतों में 9,640 छेद कर ये बारूद भरा गया है. ट्विन टावर का ध्वस्तीकरण सही तरीके से किए जाए, इसके लिए नोएडा प्रशासन ने एक कंट्रोल रूम भी बनाया है. ध्वस्तीकरण के दौरान कंट्रोल रूम में प्रशासन के साथ-साथ आपदा प्रबंधन की टीम मौजूद रहेगी. ध्वस्तीकरण के दौरान कुछ रास्तों को बंद किया गया है. वहीं, कुछ रूट को डायवर्ट किया गया है.
ये भी पढ़ें- आखिर क्यों गिराए जा रहे हैं सुपरटेक ट्विन टावर, मंजूरी से लेकर कोर्ट के आदेश तक, जानें क्या है पूरा मामला
ध्वस्तीकरण पूरा होने तब बंद रहेंगे ये रास्ते
2:15 बजे से डायवर्ट रहेगा एक्सप्रेस-वे पर ट्रैफिक
हेल्पलाइन नंबर जारी
ये भी पढ़ें- Supertech Towers: कुछ सेकंड में कैसे गिरा दी जाती हैं इमारतें, समझिए पूरा साइंस
अस्पतालों को अलर्ट रहने का निर्देश
नोएडा के 3 अस्पतालों को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. बतौर सेफ हॉस्पिटल घोषित हुए अस्पतालों में से एक नोएडा सेक्टर 137 का फेलिक्स हॉस्पिटल है जो डिमोलिशन स्पॉट से महज 4 किमी दूर है.आपातकालीन स्थिति के लिए अस्पताल के 12वीं मंजिल पर सामान्य वार्ड तैयार है, तो वहीं 7वीं मंजिल पर आईसीयू के बेड्स तैयार किए गए हैं. वेंटीलेटर, बाइपेप, मॉनिटर भी तैयार हैं.
हवा में कई दिनों तक रहेगा बारूद का असर
डिमोलिशन के कई दिन बाद तक वातावरण में प्रदूषण का असर रह सकता है ऐसे में मॉर्निंग वॉक कुछ दिन के लिए अवॉइड करें. घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें. इंडोर रहने की कोशिश करें. इंडोर एक्टिविटीज करें. प्रदूषण कम होने पर ही बाहर जाएं. तरल पदार्थों का सेवन करें. 95 मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें. पॉल्यूशन कब तक रहेगा ये मौसम पर निर्भर करेगा. हवा और बारिश रहने पर प्रदूषण जल्द दूर हो जाएगा.
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.