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आंध्र प्रदेश में हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने करीब 50 लाख के ईनामी हिडमा उर्फ संतोष को मार गिराया है. हिडमा को सुबह 6 से 7 बजे के बीच अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली जंगल में सुरक्षा बलों ने घेर लिया था.
नक्सलियों का सबसे वांछित नेता माडवी हिडमा (51) आज सुबह आंध्र प्रदेश में एक मुठभेड़ में मारा गया. सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हिडमा उर्फ संतोष, उसकी पत्नी और चार अन्य छत्तीसगढ़ से भाग रहे थे, जब सुबह 6 से 7 बजे के बीच अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेदुमिल्ली जंगल में सुरक्षा बलों ने उन्हें घेर लिया. हिडमा कितना खतरनाक था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके ऊपर करीब 50 लाख का ईनाम था.
एनकाउंटर पर बात करते हुए एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि, 'पिछले कुछ सप्ताहों से आंध्र प्रदेश एसआईबी/खुफिया सूचनाओं से आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा के निकट माओवादियों की गतिविधि के बारे में विशेष संकेत मिल रहे थे.
उन सूचनाओं के आधार पर हमने अभियान चलाया और यह सफलता प्राप्त की.' बताया जा रहा है कि हिडमा केंद्रीय समिति का सदस्य और दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति का नेता था, जो कम से कम 26 घातक सशस्त्र हमलों के लिए जिम्मेदार था.
हाल ही में जब मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू नाम के नक्सली ने आत्मसमर्पण किया था, तब एक सुरक्षा अधिकारियों ने इसपर बल दिया था कि अब हमारा ध्यान हिडमा पर है. अधिकारी ने कहा था, 'वह पार्टी का सबसे खतरनाक कमांडर है. अब उसकी तलाश जारी रहेगी.'
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह यह मुठभेड़ तब हुई जब नक्सल विरोधी ग्रेहाउंड्स और स्थानीय पुलिस ने आंध्र प्रदेश-छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर माओवादियों के एक बड़े समूह की आवाजाही की सूचना मिलने पर सोमवार देर रात तलाशी अभियान शुरू किया.
जानकारी के अनुसार, यह समूह सीमावर्ती जंगलों से होकर जा रहा था. अल्लूरी सीताराम राजू जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने सुबह एक प्रतिष्ठित अख़बार से बात करते हुए कहा कि, 'हमें पुष्टि हो गई है कि छह माओवादियों को मार गिराया गया है. अभियान जारी है. हमारे दल के लौटने पर हमें और जानकारी मिलेगी.'
मंगलवार सुबह का माओवादी विरोधी अभियान आंध्र प्रदेश में लंबे समय तक सीमित माओवादी गतिविधि के बाद हुआ. राज्य में इससे पहले अप्रैल और जून में मुठभेड़ें हुई थीं.
18 जून की मुठभेड़ में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल केंद्रीय समिति के सदस्य गजरला रवि और वरिष्ठ माओवादी नेता चलपति उर्फ अप्पा राव की पत्नी अरुणा मारे गए तीन माओवादियों में शामिल थे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अगले मार्च तक उग्रवाद को समाप्त करने की शपथ लेने के साथ, सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ में माओवादियों का पीछा कर रहे हैं, जहां वे वर्तमान में बस्तर और दंडकारण्य के कुछ इलाकों में छिपे हुए हैं.
पूर्व महासचिव बसवराज और केंद्रीय समिति के सदस्य कट्टा रामचंद्र रेड्डी, कादरी सत्यनारायण रेड्डी, गजरला रवि, चलपथी, सहदेव सोरेन, बालकृष्ण और नरसिम्हा सहित अधिकांश शीर्ष नेतृत्व इस वर्ष मारे जा चुके हैं.
बताते चलें कि पड़ोसी तेलंगाना में, हाल के महीनों में दर्जनों माओवादी नेताओं और कई कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया है.