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Toll Tax पर आई बड़ी खुशखबरी, Nitin Gadkari के मंत्रालय ने इस कारण घटाई 50% तक फीस, जानिए पूरी बात

Toll Tax Fees Update: केंद्र सरकार ने टोल प्लाजा पर टैक्स कैल्कुलेशन के साल 2008 के फॉर्मूले में बदलाव किया है, जिसका लाभ आम आदमी को मिलने जा रहा है.

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Toll Tax पर आई बड़ी खुशखबरी, Nitin Gadkari के मंत्रालय ने इस कारण घटाई 50% तक फीस, जानिए पूरी बात
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Toll Tax Fees Update: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर अपने वाहन में सफर करने वाले लोगों को खुशखबरी दी है. सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगने वाले टोल टैक्स की दरों में कुछ कटौती कर दी है, जिससे अब सफर के दौरान लोगों को 50% तक कम टोल टैक्स चुकाना पड़ सकता है. यह कटौती पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highways) पर लागू नहीं होगी बल्कि यह उन टुकड़ों पर लागू होगी, जिन पर कुछ खास तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर ज्यादा आते हैं. इसके लिए टोल प्लाजा शुल्क की कैल्कुलेशन के पुराने फॉर्मूले में बदलाव किया गया है. नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) के सड़क परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. 

अब कहां नहीं देना होगा बढ़ा हुआ शुल्क
केंद्रीय सड़क परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने 2 जुलाई को एक नोटिफिकेशन जारी किया है. इस नोटिफिकेशन में बताया गया है कि हाइवे के जिस हिस्से में पुल, सुरंग, फ्लाईओवर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर आते हैं, वहां टोल फीस कैल्कुलेशन नए फॉर्मूले से की जाएगी. इस फॉर्मूले से टोल टैक्स की दरों में कटौती होगी, जिसका लाभ वाहन चालकों को मिलेगा और उनका यात्रा खर्च घटेगा.

साल 2008 के नियमों में किया है बदलाव
मंत्रालय ने बताया है कि टोल टैक्स कैल्कुलेशन के लिए साल 2008 के नियमों में बदलाव किया गया है. अब तक टोल टैक्स कैल्कुलेशन NH Fees Rules 2008 में दिए गए फॉर्मूले के हिसाब से तय की जाती थी. इससे पूरे राष्ट्रीय राजमार्ग पर किलोमीटर के हिसाब से फ्लैट टोल टैक्स लगाया जाता था, लेकिन अब नया फॉर्मूला तय किया गया है.

नए फॉर्मूले में दो तरीके से होगा कैल्कुलेशन
नोटिफिकेशन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग के जिस हिस्से में पुल, फ्लाईओवर, अंडरपास, सुरंग या ऐसा कोई स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर बना है, उस हिस्से का टोल टैक्स कैल्कुलेशन दो तरीके से होगा. पहले तरीके में उस इंफ्रास्ट्रक्चर की लंबाई को 10 गुना करके राष्ट्रीय राजमार्ग की बाकी लंबाई में जोड़ा जाएगा या फिर राष्ट्रीय राजमार्ग के कुल हिस्से की लंबाई को 5 गुना किया जाएगा और फिर टोल टैक्स कैल्कुलेशन होगा. इनमें से जिस कैल्कुलेशन में कम टोल टैक्स बैठेगा, वो वसूला जाएगा. मंत्रालय का दावा है कि इससे पहले के मुकाबले कम टोल टैक्स देना होगा.

क्या होगा नए बदलाव के बाद
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एक सीनियर अफसर के हवाले से अमर उजाला की रिपोर्ट में इस नए बदलाव का कारण बताया गया है. अफसर के मुताबिक, पुराने नियमों के चलते हर किलोमीटर में किसी स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सामान्य टोल फीस का 10 गुना चार्ज देना पड़ता था. यह तरीका उस इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत पूरा करने के लिए बनाया गया था. अब नए नियमों में यह टोल टैक्स करीब 50% तक घट जाएगा.

ऐसे समझें नए टोल टैक्स का कैल्कुलेशन
मंत्रालय के मुताबिक, यदि कोई नेशनल हाइवे पूरी तरह पुल या सुरंग के तौर पर बना है यानी स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर से बनाया गया है. इसकी लंबाई 40 किलोमीटर है तो नए नियम के हिसाब से इसकी न्यूनतम लंबाई का कैल्कुलेशन निकालकर टैक्स वसूली होगी. इस हिसाब से स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर की कुल लंबाई का 10 गुना यानी 40x10 किया जाएगा, जो 400 किलोमीटर बैठेगा. इसके अलावा नेशनल हाइवे की कुल लंबाई का 5 गुना देखा जाएगा यानी 40x5 कैल्कुलेट किया जाएगा, जो 200 किलोमीटर बैठेगा. न्यूनतम रिजल्ट के हिसाब से टोल टैक्स वसूला जाएगा यानी 400 के बजाय 200 किलोमीटर के हिसाब से टोल टैक्स वसूली होगी. इस तरह टोल टैक्स पहले के मुकाबले इस हिस्से पर करीब 50% कम बैठेगा. 

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