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मुंडका अग्निकांड मामले में दयाराम तिवारी और अनिल तिवारी ने क्रेन को बिल्डिंग के पास लगाकर 55 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनकी जान बचाई थी.
डीएनए हिंदी: दिल्ली के मुंडका अग्निकांड (Mundka Fire) मामले में मारे गए 27 लोगों में से 26 के परिजनों का डीएनए (DNA) सैंपल ले लिया गया है. जबकि एक मृतक महिला का कोई रिश्तेदार सैंपल देने के लिए नहीं मिला है. इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था. बताया जा रहा है कि घटना के वक्त इमारत का मालिक मदद करने की बजाय अपने परिवार को लेकर भाग गया था. लेकिन इस दौरान दो ऐसे फरिश्ते वहां पहुंच गए, जिन्होंने 54 लोगों की जान बचाई. ये फरिश्ते दो तिवारी बंधु हैं.
इनका नाम दयाराम तिवारी और अनिल तिवारी (Dayaram Tiwari And Anil Tiwari) है. जिनकी बहादुरी के चर्चा हर कोई कर रहा है. दरअसल, दयाराम तिवारी और अनिल तिवारी क्रेन ऑपरेटर हैं. घटना के समय ये दोनों वहां से क्रेन लेकर गुजर रहे थे. तभी उन्होंने देखा कि कुछ लोग दूसरी मंजिल पर आग के बीच फंसे हुए हैं. उन्होंने अपनी परवाह किए हुए क्रेन को बिल्डिंग के पास लगा दिया और क्रेन के बूम से शीशा तोड़कर 55 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
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26 मृतकों के परिजनों के लिए गए DNA सैंपल
दोनों तिवारी बंधुओं की इस बहादुरी से 55 लोगों की जान बच गई, अन्यथा हादसा और बड़ा हो सकता था. पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में मारे गए 27 लोगों के शव की पहचान कर रही है. पुलिस ने 26 मृतकों के परिजनों का डीएनए सैंपल लिया है. वहीं एक महिला का अभी तक कोई रिश्तेदार सामने नहीं आया है. इस मामले में दूसरी सरकारी एजेंसियां जैसे एमडीसी और डीएसआईडीसी की भूमिका की भी दिल्ली पुलिस जांच कर रही है.
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