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बाघ भटक कर इंसानी आबादी के नजदीक पहुंच गया था. इसके बाद रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर दो ट्रैंकुलाइजर गन से बाघ पर काबू पाया गया.
डीएनए हिंदीः बीते शनिवार सुंदरबन (Sundarban) से भटक कर आए एक बाघ को पकड़ने में वन विभाग के पसीने छूट गए. कई दिन की मशक्कत के बाद विभाग की टीम कुमिरमारी क्षेत्र के एक गांव में बाघ पर काबू पा पाई.
दरअसल ये बाघ भटक कर इंसानी आबादी के नजदीक पहुंच गया था. इसके बाद रात करीब 11 बजकर 15 मिनट पर दो ट्रैंकुलाइजर गन से बाघ पर काबू पाया गया.
इस मामले की जानकारी देते हुए वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया, 'सुबह क्षेत्र में घुसने के बाद बाघ वनकर्मियों के साथ लुकाछिपी खेल रहा था. उसे अपने जाल में फंसाने के लिए हमने कई पिंजरे लगाए, बकरियों को भी लेकर आए लेकिन कोई हथकंडा काम न आ सका और हम उसे पकड़ने में असफल रहे.'
हालांकि इसके बाद बाघ का पता लगा लिया गया. इसके बाद बाघ की पशु चिकित्सकों द्वारा जांच की गई और सब कुछ ठीक रहने के बाद उसे सुंदरबन टाइगर रिजर्व sundarban Tiger Reserve में छोड़ दिया गया.
बता दें कि इससे पहले भी दिसंबर में दो बाघ कुलतली के अलग-अलग हिस्सों में आसपास के इलाकों में भटक गए थे. इनमें से एक को उसी दिन 10 घंटे बाद पकड़ा गया जबकि दूसरे बाघ को छह दिन बाद पकड़ा जा सका था.
मंत्री ने बताया कि इन बाघों में से किसी ने भी गांव में मौजूद इंसान या अन्य जानवरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था.