Advertisement

Gyanvapi Masajid पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, शिवलिंग वाले हिस्से की सुरक्षा हो लेकिन नमाज पढ़ने में भी न हो असुविधा

Supreme Court ने ज्ञानवापी मस्जिद विवाद पर दायर याचिका पर आज अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने शिवलिंग वाले हिस्से की सुरक्षा करने का आदेश दिया है.

Gyanvapi Masajid पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश, शिवलिंग वाले हिस्से की सुरक्षा हो लेकिन नमाज पढ़ने में भी न हो असुविधा

सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. मस्जिद कमिटी की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने आज अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि फैसला आने तक शिवलिंग वाले हिस्से की पूरी सुरक्षा होनी चाहिए. साथ ही, डीएम और प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि नमाज पढ़ने में किसी तरह की असुविधा न हो. 

Masajid Committee ने दाखिल की थी याचिका 
वरिष्ठ वकील अहमदी ने मस्जिद कमेटी का पक्ष रखते हुए कहा था कि परिसर को पूरी तरह से सील करके बंद नहीं किया जा सकता है और यह आदेश कानूनी आधार पर गलत है. मस्जिद कमेटी का तर्क था कि अगर परिसर को बंद कर दिया जाता है तो यह पूजा के अधिकार कानून के सेक्शन 3 का उल्लंघन होगा. 

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस मुद्दे पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पक्ष रख रहे हैं. सर्वोच्च अदालत ने कहा कि कुछ मुद्दों पर उनकी सहायता की जरूरत हो सकती है.

यह भी पढ़ें: Gyanvapi Case: हिंदू पक्ष की मांग - शिवलिंग तक पहुंचने के लिए खुले दरवाजा

डीएम वाराणसी को शिवलिंग हिस्से की सुरक्षा का दिया निर्देश
याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के डीएम और प्रशासन को निर्देश दिया है कि जब तक सुनवाई चल रही है तब तक शिवलिंग वाले हिस्से की पूरी तरह से सुरक्षा की जानी चाहिए. 

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि हम सुनवाई तक के लिए एक नोटिस जारी कर सकते हैं. डीएम वाराणसी यह सुनिश्चित करें कि सुनवाई के दौरान शिवलिंग की सुरक्षा की जाए. इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि मुसलमानों को नमाज पढ़ने में कोई परेशानी न हो.

यह भी पढ़ें: Gyanvapi Masjid विवाद पर कोर्ट का बड़ा एक्शन, पद से हटाए गए कोर्ट कमिश्नर अजय मिश्रा  

देश-दुनिया की ताज़ा खबरों पर अलग नज़रिया, फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगलफ़ेसबुकट्विटर और इंस्टाग्राम पर.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement