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Success Story: कक्षा 10 में नंबर कम आए तो थाम ली बिजनेस की राह, खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी

Success Story: बोर्ड एग्जाम में फैमिली की अपेक्षा से कम नंबर आने पर छात्रों के आत्महत्या करने के मामले तो आपने बहुत देखे होंगे, लेकिन हम जिस युवा की स्टोरी बता रहे हैं, उसने इसे अपने लिए सुनहरा भविष्य तैयार करने की प्रेरणा बना लिया.

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Success Story: कक्षा 10 में नंबर कम आए तो थाम ली बिजनेस की राह, खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी
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Success Story: बोर्ड परीक्षाओं में कम अंक आने पर अक्सर छात्र निराश हो जाते हैं और भविष्य को लेकर चिंतित हो उठते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव सिन्नर के एक युवा ने इस निराशा और डर को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया. हम बात कर रहे हैं कारोबारी रोहित उगले की, जिनके मां-बाप 10वीं कक्षा में 90 फीसदी अंक चाहते थे और उन्हें मिले 78% अंक. मां-बाप क्या कहेंगे, ये सोचकर रोहित ने ऐसी राह चुनी, जिस पर चलकर उन्होंने करोड़ों रुपये की कंपनी खड़ी कर दी और आज उन्हें सफल उद्यमियों में गिना जा रहा है.

रिजल्ट आने पर कई दिन रहा घर में तनाव
24 जून, 2001 को जन्मे रोहित उगले ने येवला के SND इंग्लिश मीडियम स्कूल से पढ़ाई की. इसके बाद कक्षा 10 के लिए वे सिन्नर के नवजीवन डे स्कूल पहुंचे. माता-पिता ने उन्हें कक्षा-10 में 90% अंकों का टारगेट दिया था, लेकिन CBSE बोर्ड एग्जाम का रिज्लट आया तो रोहित को 78% अंक ही मिले. रोहति इस रिजल्ट से खुश थे, लेकिन उनके परिवार यह परिणाम उम्मीद से कम लगा. इसके चलते घर का माहौल कुछ दिनों तक शांत और तनावपूर्ण रहा.

'मन में डर था कि पिताजी क्या कहेंगे'
रोहित उस पल के बारे में सोचकर कहते हैं, 'रिजल्ट आने के बाद कुछ दिनों तक मैं घर में बहुत शांत रहता था. मुझे डर था कि पिताजी कुछ कहेंगे या मां नाराज होंगी. मैं बस यही चाहता था कि कोई मुझसे मेरे परिणाम के बारे में बात न करे.' रोहित के मुताबिक, उनके मन के इस डर ने दबी हुई प्रेरणा की तरह काम किया, जिसने उन्हें यह साबित करने के लिए आगे बढ़ाया कि जीवन की सफलता केवल परीक्षा के अंकों पर निर्भर नहीं है. 

रोहित ने सीखनी शुरू की डिजिटल वर्ल्ड की बारीकियां
रोहित का कहना है कि कुछ अलग करने की चाहत ने उन्हें डिजिटल वर्ल्ड से जोड़ दिया. उन्होंने स्वयं ही यूट्यूब और इंटरनेट के माध्यम से डिजिटल मार्केटिंग की बारीकियां सीखना शुरू कर दीं. इसके बाद, उन्होंने फ्रीलांसिंग करना आरंभ किया, जिसमें वे वेबसाइटें बनाते और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करते थे. उन्होंने दिन-रात मेहनत की और नए कौशल सीखते रहे. उन्हें कोडिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की जरूरत पड़ी तो उन्होंने बिना किसी औपचारिक संस्थान के ही PHP और Java के भी गुर सीख लिए.

2017 में शुरू की अपनी कंपनी
रोहित ने महज 16 साल की उम्र में साल 2017 में अपनी कंपनी SATMAT Technologies की शुरुआत एक छोटे से कमरे से की. आज यह कंपनी 100 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रही है. रोहित की कंपनी SATMAT Technologies आईटी और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस देती है तो SATMAT Pharma के जरिये वे हेल्थकेयर और चिकित्सा उत्पादों के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. इसी तरह SATMAT Events अपने क्लाइंट्स को इवेंट मैनेजमेंट और ब्रांड प्रमोशन की सेवाएं देती हैं. इन कंपनियों के क्लाइंट भारत ही नहीं विदेशों तक में मौजूद हैं. 

एक्टर सोनू सूद के हाथों मिला सम्मान
वर्ष 2021 में, रोहित की असाधारण मेहनत और उद्यमशीलता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली, जब उन्हें प्रसिद्ध अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद के द्वारा Best IT Startup Company का अवॉर्ड मिला. रोहित का कहना है कि यदि डर को सही दिशा दी जाए, तो वह व्यक्ति को किसी भी मुकाम तक पहुंचा सकता है. यदि व्यक्ति में जुनून हो, सीखने की तीव्र इच्छा हो और विपरीत परिस्थितियों से लड़ने का साहस हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है.

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