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Shubhanshu Shukla Axiom-4 Mission: भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन पायलट शुभांशु शुक्ला ने बुधवार को Axiom-4 Mission के लिए Spacex के Falcon-9 Rocket से उड़ान भरकर इतिहास रचा है. वे अंतरिक्ष में उड़ान भरने वाले भारत के महज दूसरे अंतरिक्षयात्री बने हैं. यह मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर जा रहा है.
Shubhanshu Shukla Axiom-4 Mission: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के ग्रुप कैप्टन पायलट शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) ने बुधवार को इतिहास रच दिया है. शुक्ला ने एलन मस्क (Elon Musk) की कंपनी स्पेसएक्स (Spacex) के फाल्कन-9 रॉकेट (Falcon-9 Rocket) से Asiom-4 Mission के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) के लिए उड़ान भरी है. इसके साथ ही वे अंतरिक्ष में जाने वाले भारत के आज तक के महज दूसरे अंतरिक्षयात्री बन गए हैं. उनसे पहले साल 1984 में राकेश शर्मा रूसी मिशन के साथ अंतरिक्ष में जाने वाले पहले भारतीय बने थे. शुभांशु शुक्ला उड़ान भरने के लिए जब अमेरिका के फ्लोरिडा में कैनेडी स्पेस सेंटर (Kennedy Space Centre) के लॉन्च पैड 39-A की तरफ जा रहे थे तो एक खास गाना सुन रहे थे. शुभांशु शुक्ला के इस फेवरेट गाने के बारे जानते ही आपके मन में भी देशभक्ति उमड़ पड़ेगी और आप भी जोश में कह उठेंगे 'जय हिंद'. इतना ही नहीं जब शुभांशु के रॉकेट ने अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी, तब भी उन्होंने एक खास गाना अपने लिए प्ले किया. इस गाने का कनेक्शन शाहरुख खान और एआर रहमान से था.
लॉन्च पैड पर जाते समय 'वंदे मातरम' गीत सुन रहे थे शुभांशु शुक्ला
लॉन्च पैड पर जाते समय शुभांशु शुक्ला इस मिशन पर अपने अंदर जोश जगाने के लिए वो गाना सुन रहे थे, जिसे सुनते ही हर भारतीय में जोश आ जाता है. हालांकि शुभांशु शुक्ला इसका मूल वर्जन नहीं बल्कि फिल्मी संस्करण सुन रहे थे. दरअसल शुभांशु 'वंदेमातरम' गाना सुन रहे थे, लेकिन यह साल 2024 में आई ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) की फिल्म फाइटर (Fighter) का गाना था. बता दें कि यह फिल्म इंडियन एयरफोर्स के फाइटर पायलटों पर आधारित है और शुभांशु खुद भी मूल रूप से फाइटर पायलट ही हैं.
'भारत कोई स्वप्न नहीं बल्कि जश्न है'
वंदेमातरम गाने के शब्दों को यदि ट्रांसलेट किया जाए तो इनका अर्थ 'भारत कोई स्वप्न नहीं बल्कि जश्न है, जीत हर भारतीय की रगों में बहने वाली आदत है. हमारा पराक्रम ऐसा है कि दुश्मन भी हमें सलाम करता है' बैठता है. फाइटर फिल्म के एंथम सॉन्ग के तौर पर रिकॉर्ड किए गए 'वंदेमातरम' को विशाल डडलानी ने गाया था और इसमें बंकिम चंद्र चटर्जी (Bankim Chandra Chatterjee) के ओरिजनल गीत को कुमार ने अपने शब्दों के साथ रिमिक्स किया था.
रॉकेट के उड़ते समय ये थी चारों एस्ट्रोनॉट्स की प्ले लिस्ट
शुभांशु शुक्ला के रॉकेट ने जब अंतरिक्ष का सफर शुरू किया तो Axiom Mission 4 (AX-4) ने वो म्यूजिक प्ले लिस्ट भी साझा की, जो शुक्ला और उनके साथी एस्ट्रोनॉट्स ने अपने लिए तय की थी. शुक्ला ने अपने लिए 'यूं ही चला चल राही' गाना चुना था, जो साल 2004 में आई शाहरुख खान की फिल्म स्वदेश का गाना है. शुक्ला ने एआर रहमान के कंपोज किए इस गाने को अपना लॉन्च-डे एंथम तय किया था.
Pass the Aux! The #Ax4 crew share their launch-day playlist. pic.twitter.com/YwCp0Is6cF
— Axiom Space (@Axiom_Space) June 25, 2025
NASA की सलाह पर सुने थे अपने पसंदीदा गाने
शुभांशु शुक्ला ने खुद को जोश दिलाने वाले ये गाने अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की सलाह पर सुना था, जिसकी यह पुरानी परंपरा है. नासा के मिशन पर रवाना होने के लिए लॉन्च पैड पर जाते समय उसके एस्ट्रोनॉट्स अपनी पसंद का गाना सुनते हैं ताकि वे अपने परिवार को गुडबॉय कहने का दर्द मिटा सकें और मिशन के लिए अपने अंदर जोश पैदा कर सकें. रिपोर्ट्स के मुताबिक, एस्ट्रोनॉट्स रॉकेट के अंदर भी खुद को रिलेक्स और फोकस रखने के लिए कई बार लॉन्चिंग से पहले म्यूजिक प्ले करते हैं, जिसे तनाव को दूर करने का सबसे बेहतरीन जरिया माना जाता है.
कौन हैं ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टल शुभांशु शुक्ला फाइटर जेट पायलट हैं, जिनके पास 2,000 घंटे से ज्यादा का फ्लाइंग अनुभव है. उन्होंने सुखोई Su-30 MKI, MIG-21, MIG-29, Jaguar, Haw, Dornier और An-32 समेत कई अलग-अलग तरह के विमान उड़ाने का अनुभव हासिल किया है. लखनऊ में 10 अक्टूबर, 1985 को जन्मे शुभांशु भारत के महत्वाकांक्षी Gaganyaan Mission का हिस्सा हैं. वे गगनयान मिशन पर चुने गए भारतीय वायुसेना के चार फाइटर पायलट में सबसे कम उम्र के हैं. नेशनल डिफेंस एकेडमी (National Defence Academy) के एल्युमनी शुभांशु ने साल 2006 में भारतीय वायुसेना एक फाइटर पॉयलट के तौर पर जॉइन की थी.
यह हैं उस गाने के बोल, जिसे सुन रहे थे शुभांशु
ख्वाब नहीं इक जश्न है भारत
रग रग में है जीत की आदत
ऐसा हुनर दुश्मन भी सलामी दे
तू सूरज हम तेरे उजाले तुझसे जुदा नहीं होने वाले
आखिर तक हम सफर पे होंगे
जय हिंद, जो नस नस में है हर बाजी फिर बस में है
जिद ठान के हिंदुस्तान बोले
सुजलाम सुजलाम मलयजा शीतलम
शस्य श्यामलम् वंदे मातरम्
सुजलाम सुफलाम मलयजा शीतलम
शस्य श्यामलम वंदे मातरम्
न है जमीन, न आसमानों में,
न ही मुमकिन है दो जहानों में,
जज्बे इरादे और ये जुनून बनते हैं दिल के कारखानों में,
पहुंच गए अंबर से आगे धरती से फिर भी बंधे हैं धागे
रहते वतन की मिट्टी से जुड़ के,
जय हिन्द जो नस नस में है, हर बाजी फिर बस में है
जिद ठान के हिंदुस्तान बोले
सुजलम् सुफलम् मलयज शीतलम्
शस्य श्यामालम् वंदे मातरम्
सुजलम् सुफलम् मलयज शीतलम्
शस्य श्यामालम् वन्दे मातरम्
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