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What are Psychopaths and Sociopaths: श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला में 'साइकोपैथ' और 'सोशियोपैथ' प्रवृत्तियां पाई गई थीं. जानें क्या है ये मानसिक स्थिति और कैसे यह किसी व्यक्ति को क्रूर अपराधी बना सकती है.
Shraddha Walkar Case: साल 2022 का श्रद्धा वॉल्कर हत्याकांड भारतीय इतिहास के सबसे खौफनाक मामलों में से एक है. हाल ही में इस मामले के आरोपी आफताब अमीन पूनावाला के पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर कुछ चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. फॉरेंसिक सूत्रों के मुताबिक, आफताब के टेस्ट में 'साइको' और 'सोशियोपैथिक' प्रवृत्तियां पाई गई हैं. इसके बाद से लोग यह जानने में लगे हैं कि आखिर यह कैसी मानसिक स्थिती है और इससे कैसे किसी व्यक्ति का दिमाग बदल जाता है. चलिए आर्टेमिस अस्पताल के मानसिक स्वास्थ्य और व्यवहार विज्ञान के प्रमुख मनोचिकित्सक व प्रमुख सलाहकार डॉ. राहुल चंडोक से जानते हैं कि आखिर इस 'साइकोपैथ' और 'सोशियोपैथ' का क्या मतलब होता है?
मनोचिकित्सा में, इन दोनों शब्दों का प्रयोग 'असामाजिक व्यक्तित्व विकार' (ASPD) वाले व्यक्तियों के लिए किया जाता है. हालांकि ये दोनों शब्द अक्सर एक साथ इस्तेमाल होते हैं, लेकिन इनमें नाम मात्र का अंतर है.
साइकोपैथ स्थिति अक्सर जन्मजात होती है और मस्तिष्क की संरचना से जुड़ी होती है. साइकोपैथ बहुत शांत, चालाक और ठंडे स्वभाव के होते हैं. उनमें दूसरों के प्रति सहानुभूति का पूरी तरह अभाव होता है और वे किसी भी अपराध को बहुत सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देते हैं.
वहीं, अगर हम बात सोशियोपैथ की करें तो यह आमतौर पर बचपन के बुरे अनुभवों या प्रतिकूल वातावरण का परिणाम होता है. सोशियोपैथ अधिक आक्रामक और अस्थिर होते हैं. उनमें कभी-कभी अपने करीबियों के प्रति थोड़ी-बहुत संवेदना हो सकती है, लेकिन वे बिना सोचे-समझे अचानक हिंसक कदम उठा सकते हैं.
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आफताब पूनावाला के पर्सनालिटी और इमोशनल टेस्ट की रिपोर्ट में तीन मुख्य बातें सामने आई हैं.
संवेदनाओं की कमी: आफताब के भीतर भावनाओं की भारी कमी देखी गई. उसने श्रद्धा की हत्या करने और शव के टुकड़े करने जैसे जघन्य अपराध को अंजाम दिया, लेकिन उसके बर्ताव में तनिक भी पछतावा नहीं था.
ठंडा व्यवहार: वह हर समय बहुत शांत और कैलकुलेटिव दिखा, जो 'साइकोपैथिक' व्यवहार की पहचान है.
स्वार्थ और बचाव: टेस्ट के दौरान उसका पूरा ध्यान केवल खुद को बचाने पर था. उसे श्रद्धा के प्रति किसी अपराधबोध का अनुभव नहीं हो रहा था, बल्कि वह कानून की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपनी रणनीति तैयार कर रहा था.
मई 2022 में दिल्ली के महरौली में आफताब ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्रद्धा वॉल्कर की गला दबाकर हत्या कर दी थी. हैवानियत की हदें पार करते हुए उसने शव के 35 टुकड़े किए, जिन्हें उसने कई दिनों तक फ्रिज में रखा और फिर धीरे-धीरे दिल्ली के विभिन्न जंगलों में फेंक दिया.
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