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Shiv Sena को तोड़कर अपना कद बढ़ाने की तैयारी में हैं राज ठाकरे? टेंशन में उद्धव ठाकरे

राज ठाकरे ने लाउडस्पीकर विवाद पर उद्धव ठाकरे को जमकर घेरना शुरू कर दिया. कई शिवसेना समर्थक भी राज ठाकरे की बातों का समर्थक कर रहे हैं.

Shiv Sena को तोड़कर अपना कद बढ़ाने की तैयारी में हैं राज ठाकरे? टेंशन में उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे. (फाइल फोटो)

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डीएनए हिंदी: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने लाउडस्पीकर के बहाने खुद को राजनीति में सक्रिय कर लिया है. हिंदुत्व के मुद्दे पर उनको शिवसेना (Shiv Sena) समर्थकों का भी समर्थन मिलता दिख रहा है. राज ठाकरे भी बाल ठाकरे की बातें याद दिलाकर शिवसैनिकों को अपनी तरफ खींच रहे हैं. शिवसेना में तोड़फोड़ करने की राज ठाकरे की इस कोशिश ने उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की चिंताएं बढ़ा दी हैं.

उद्धव ठाकरे की सरकार को राज ठाकरे ने लाउडस्पीकर के मुद्दे पर फंसाने की कोशिश की है. राज ठाकरे लगातार चुनौती दे रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की सरकार मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवाए. अब राज ठाकरे ने लाउडस्पीकर पर अजान के बदले लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा का आंदोलन शुरू कर दिया है. उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार के लिए चिंता का सबब बनते जा रहे हैं.

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शिवसैनिकों में बरकरार है राज ठाकरे का क्रेज़
शिवसेना के पूर्व नेता और उद्धव के भाई होने की वजह से शिवसैनिकों में भी राज ठाकरे का अच्छा खासा क्रेज़ है. भले ही वह पिछले कुछ सालों में राजनीति में कुछ बड़ा न कर पाए हों, लेकिन उनकी फायर ब्रैंड छवि शिवसेना समर्थकों को हमेशा से पसंद रही है. बाल ठाकरे के रहते राज ठाकरे ही शिवसेना का ज्यादातर काम देखते थे. अपनी कट्टर छवि, उत्तेजक बयानों और हिंदुत्व की विचारधारा की वजह से वह बीजेपी के भी नजदीक होते जा रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज ठाकरे की बातों से कई शिवसेना समर्थक भी सहमत हैं. यही वजह है कि वे राज ठाकरे का खुला विरोध करने से कतरा रहे हैं. शिवसेना के एक नेता ने कहा कि यह मुद्दा तो हमें उठाना चाहिए था लेकिन राज ठाकरे यह मुद्दा उठा रहे हैं. दूसरी तरफ, सरकार चला रहे उद्धव ठाकरे भी यह समझते हैं कि अगर वह अपनी कट्टर हिंदुत्व की राह पर आए तो संभव है कि एनसीपी और कांग्रेस उनका साथ छोड़ दें.

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दोनों तरफ से फंसे हैं उद्धव ठाकरे
बीजेपी भी राज ठाकरे को शह दे रही है जिससे वह उद्धव ठाकरे को कमजोर कर सके और राज ठाकरे के रूप में उसे एक मराठा सहयोगी भी मिल जाए. उद्धव ठाकरे दोनों ही स्थिति में फंसे हुए हैं. अगर वह हिंदुत्व के रास्ते पर लौटें तो गठबंधन सहयोगी नाराज होंगे और लाउडस्पीकर जैसे मामलों पर एक्शन न लें तो राज ठाकरे लगातार सिरदर्द बने रहेंगे.

राज ठाकरे ने बाल ठाकरे का एक वीडियो शेयर करके उद्धव ठाकरे की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. राज ठाकरे ने पहले भी सवाल किया था कि उद्धव ठाकरे अपने पिता बाल ठाकरे की बात मानेंगे या एनसीपी चीफ शरद पवार की सुनेंगे.

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