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वोट वाइब द्वारा किए गए सर्वे से पता चला है कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर ज़ोरदार है जिसका फायदा शशि थरूर को मिलता हुआ नजर आ रहा है. सर्वेक्षण के अनुसार, शशि थरूर को 28.3% उत्तरदाताओं ने यूडीएफ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पसंद किया है.
क्या कांग्रेस सांसद शशि थरूर आगामी केरल चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने की उम्मीद कर रहे हैं? वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने एक सर्वे को साझा करके इस बात के संकेत दिए हैं, जिसमें उन्हें यूडीएफ की ओर से शीर्ष पद के लिए सबसे आगे बताया गया है.
स्वतंत्र एजेंसी वोट वाइब द्वारा किए गए इस सर्वेक्षण से पता चला है कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर ज़ोरदार है.सर्वेक्षण के अनुसार, थरूर, जिनके कांग्रेस नेतृत्व के साथ संबंध हाल ही में तनावपूर्ण रहे हैं, को 28.3% उत्तरदाताओं ने यूडीएफ के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पसंद किया है.
केरल में अगले साल मई में चुनाव होने हैं और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ एलडीएफ सरकार को लगातार तीसरी बार सत्ता में आने से रोकने की कोशिश करेगा.
सर्वेक्षण के अनुसार, 30% पुरुष उत्तरदाताओं ने थरूर का समर्थन किया, जबकि 27% महिला उत्तरदाताओं ने उनका समर्थन किया. तिरुवनंतपुरम से चार बार सांसद रहे इस व्यक्ति को वृद्ध मतदाताओं (55 वर्ष से अधिक आयु वाले) का 34.2% समर्थन प्राप्त हुआ. सर्वेक्षण के अनुसार, 18-24 आयु वर्ग में उनका समर्थन 20.3% था.
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) July 9, 2025
कांग्रेस के साथ थरूर का मनमुटाव
ध्यान रहे यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस सांसद द्वारा केंद्र की नीतियों का लगातार सार्वजनिक समर्थन किए जाने के बाद, थरूर के कांग्रेस नेतृत्व के साथ संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं.
दरअसल, इस साल की शुरुआत में केरल सरकार की नई औद्योगिक नीति की प्रशंसा करने के बाद कांग्रेस के साथ उनके संबंधों में सबसे पहले खटास आई थी. इस पर केरल कांग्रेस में उनके सहयोगियों ने उनकी कड़ी आलोचना की थी.
एलडीएफ को लेकर क्या कहता है सर्वे
दूसरी ओर, सर्वे विजयन के लिए मुश्किल वक्त की ओर इशारा करता है. केवल 17.5% उत्तरदाता 2026 के चुनावों में विजयन को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में देखने के पक्ष में हैं.
इस पूरे सर्वे में सबसे मजेदार तथ्य ये है कि पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा, जो कोविड महामारी के खिलाफ केरल की लड़ाई का चेहरा बनीं, मतदाताओं के बीच एलडीएफ की शीर्ष पसंद बनकर उभरीं, जिन्हें 24.2% उत्तरदाताओं का समर्थन प्राप्त हुआ है.