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CM Ashok Gehlot आज आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधि मंडल से जयपुर में मुलाकात करने वाले है जिसमें आरक्षण के मुद्दे पर गहन चर्चा की जा सकती है.
डीएनए हिंदी: राजस्थान के भरतपुर में सैनी समाज की ओर से 12% आरक्षण की मांग उठाई गई है और इसको लेकर समाज के लोगों द्वारा चलाया गया आंदोलन जोर पकड़ रहा है. यहां पिछले 5 दिन से भरतपुर में आरक्षण की मांग पर आंदोलन जारी है. इस दौरान मंगलवार सुबह आंदोलन स्थल पर हाईवे के किनारे पेड़ से फंदा लगाकर एक आंदोलनकारी ने आत्महत्या कर ली. उसकी जेब से मिले सुसाइड नोट में आरक्षण की माग का जिक्र है.
प्रदर्शनकारियों ने जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर रखा है. मृतक आंदोलनकारी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि पूरा समाज 12% आरक्षण लेकर रहेगा. इस मामले में सैनी आरक्षण की मांग को लेकर सैनी समाज का एक प्रतिनिधि मंडल जयपुर में मुख्यमंत्री से मुलाकात भी कर सकता है.
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बता दें कि सैनी समाज की ओर से 12% आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है. जयपुर आगरा नेशनल हाईवे पर 5 दिन से चक्का जाम करके आंदोलनकारी बैठे हुए हैं. मृतक आंदोलनकारी की पहचान 48 वर्षीय मोहन सिंह सैनी के रूप में हुई है. आत्महत्या की सूचना मिलने के बाद लखनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से उतारकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है.
जानकारी के मुताबिक मृतक मोहन सिंह की पत्नी बीमार थी जिनका इलाज अलार्म अस्पताल में चल रहा था और 2 दिन पहले ही वह अपनी पत्नी को अस्पताल से लेकर गांव गया था. मृतक के दो बच्चे हैं जो शादीशुदा है. जानकारी के मुताबिक वह एक दिन पहले आंदोलन स्थल पर भाग लेने के लिए पहुंचा था.
बता दें कि नेशनल हाईवे पर जहां आंदोलनकारियों का महापड़ाव जारी है, वहीं सड़क के किनारे पेड़ से मोहन सिंह लटका हुआ मिला. आंदोलनकारी के कपड़ों की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने 12% आरक्षण लेकर रहने की बात कही लिखी थी.
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