Advertisement

इंडिगो संकट से जुड़ी बहुत बड़ी खबर, पैसा आपके खाते में पहुंच जाएगा- इंडिगो, फ्लाइट कैंसिल का रिफंड कर रहे- इंडिगो, 5-15 दिसंबर तक टिकट कैंसिल की छूट-इंडिगो, आपको हुई परेशानी का अफसोस है- इंडिगो | इंडिगो संकट से जुड़ी बहुत बड़ी खबर, पैसा आपके खाते में पहुंच जाएगा- इंडिगो, फ्लाइट कैंसिल का रिफंड कर रहे- इंडिगो, 5-15 दिसंबर तक टिकट कैंसिल की छूट-इंडिगो, आपको हुई परेशानी का अफसोस है- इंडिगो | ममता के इशारे पर काम हो रहा है- BJP, नई बाबरी मस्जिद को लेकर BJP का बयान, हुमायूं कबीर के पीछे ममता बनर्जी- BJP | ममता के इशारे पर काम हो रहा है- BJP, नई बाबरी मस्जिद को लेकर BJP का बयान, हुमायूं कबीर के पीछे ममता बनर्जी- BJP

Russia-Ukraine War: रूस से भी वापस लौटने लगे हैं भारतीय छात्र, पश्चिम बंगाल की चित्राशी मंडल ने बताया आंखों देखा हाल

यूक्रेन के बाद अब रूस में मेडिकल की पढ़ाई करने गए भारतीय छात्र भी देश वापस लौटने लगे हैं. के.टी.अल्फी की रिपोर्ट-

Russia-Ukraine War: रूस से भी वापस लौटने लगे हैं भारतीय छात्र, पश्चिम बंगाल की चित्राशी मंडल ने बताया आंखों देखा हाल

chitrashi mandal

Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: रूस और यूक्रेन के युद्ध को आज 24 दिन हो गए हैं, लेकिन हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं. इस बीच जंग के इस माहौल में यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को विशेष विमानों के जरिए भारत लाया गया. अब भारतीय मूल के लगभग सभी नागरिक भारत वापस लौट चुके हैं. इनमें अधिकतर मेडिकल के छात्र थे.अब रूस में मौजूद छात्र भी वहां नहीं रहना चाहते और अब वे भी रूस से भारत वापस लौटने लगे हैं. 

इन्हीं में से एक हैं पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के बारासात की चित्राशी मंडल. चित्राशी अपनी पढ़ाई के लिए ही रूस गई थीं. मगर वहां की स्थितियों को देखते हुए वह भी भारत वापस आ चुकी हैं. 

ये भी पढ़ें- DNA एक्सप्लेनर: क्यों पश्चिमी देश Ukraine के भविष्य पर चिंतित हैं, क्या चाहता है Russia?

शुक्रवार देर रात वह दिल्ली होते हुए नुआपाड़ा स्थित अपने घर सकुशल पहुंच गईं. वह रूस की पर्म स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ती थीं. 14 जनवरी को ही चित्राशी रूस गई थीं. इसके कुछ दिन बाद ही रूस ने यूक्रेन पर हमला बोल दिया. चित्राशी के साथ उसके अन्य सहपाठी भी थे जो भारतीय थे. 

चित्राशी ने बताया कि युद्ध शुरू होने बाद से ही ATM सर्विस भी बंद कर दी गई थी. इसके चलते उन्हें काफी परेशानी हुई. अब वह अपने देश वापस लौट आई हैं, लेकिन स्थिति सामान्य होने के बाद रूस जरूर जाना चाहेंगी. चित्राशी के माता-पिता के मुताबिक युद्ध के दौरान उनकी रातों की नींद उड़ गई थी और वह इतनी दूर होकर भी हर एक दिन आतंक के साएं में भी गुजार रहे थे. उनकी बस एक ही दुआ थी कि बेटी सकुशल वापस घर आ जाए.

ये भी पढ़ें- DNA एक्सप्लेनर : कौन से देश हैं NATO में? क्या है यह संस्था?

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement