Advertisement

Rashtriya Gram Swaraj Abhiyan: ग्रामीण स्थानीय निकायों को बढ़ावा देने के लिए 5,911 करोड़ की मंजूरी

Rashtriya Gram Swaraj Abhiyan: 5,911 करोड़ की योजना में केंद्र 3,700 करोड़ रुपये और राज्यों 2,211 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी देंगे. 

Rashtriya Gram Swaraj Abhiyan: ग्रामीण स्थानीय निकायों को बढ़ावा देने के लिए 5,911 करोड़ की मंजूरी
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदीः केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) ने बुधवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (Rashtriya Gram Swaraj Abhiyan) के लिए 5,911 करोड़ रुपये की लागत को मंजूरी दे दी है. योजना उद्देश्य 2.78 लाख ग्रामीण स्थानीय निकायों को सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करना है.

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने पंचायती राज संस्थानों (Panchayati Raj institutions) की शासन क्षमताओं को बढ़ावा देने के प्रयास में 1 अप्रैल, 2022 से 31 मार्च, 2026 तक केंद्र प्रायोजित योजना को जारी रखने का फैसला लिया है. 5,911 करोड़ रुपये के कुल व्यय में केंद्र 3,700 करोड़ रुपये और राज्यों की 2,211 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी देंगे. 

ये भी पढ़ेंः Electricity crisis: देश में होने वाला है बिजली संकट? यूपी और पंजाब समेत 10 राज्यों में कोयले की कमी

मंत्रिमंडल ने कहा कि “पंचायतों में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं का प्रतिनिधित्व होता है और ये जमीनी स्तर के सबसे करीब संस्थान हैं. इससे पंचायतों को मजबूत करने से सामाजिक न्याय और समुदाय के आर्थिक विकास के साथ-साथ समानता और समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा. 

यह भी पढ़ेंः Birbhum violence: क्या है बीरभूम का मामला? जानिए क्यों भड़की थी हिंसा

पंचायती राज संस्थाओं द्वारा ई-गवर्नेंस के  अधिक उपयोग से बेहतर सेवा वितरण और पारदर्शिता हासिल करने में मदद मिलेगी. यह योजना ग्राम सभाओं को नागरिकों, विशेष रूप से कमजोर समूहों के सामाजिक समावेश के साथ प्रभावी संस्थानों के रूप में कार्य करने के लिए मजबूत करेगी. यह पर्याप्त मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे के साथ राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर पंचायती राज संस्थाओं के क्षमता निर्माण के लिए संस्थागत ढांचे की स्थापना करेगी." इस योजना से देशभर में पारंपरिक निकायों सहित ग्रामीण स्थानीय निकायों के लगभग 60 लाख निर्वाचित प्रतिनिधि, पदाधिकारी और अन्य हितधारक को सीधा फायदा पहुंचेगा. 

गूगल पर हमारे पेज को फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें. हमसे जुड़ने के लिए हमारे फेसबुक पेज पर आएं और डीएनए हिंदी को ट्विटर पर फॉलो करें.

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement