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लखनऊ में राजस्थान के युवाओं ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा, क्या है वजह?

क्या ये आंदोलन राजनीतिक है? इस सवाल के जवाब में उपेन कहते हैं कि आंदोलन में राजनीति की बात तो खुद नेता कर रहे हैं.

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लखनऊ में राजस्थान के युवाओं ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा, क्या है वजह?

Upen Yadav

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डीएनए हिंदी: लखनऊ में राजस्थान के युवाओं ने गहलोत सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रियंका गांधी से मिलने की जिद कर रहे युवाओं ने गहलोत सरकार के विरुद्ध वादाखिलाफी को लेकर प्रदर्शन किया.

युवाओं का कहना है कि वे 46 दिनों से जयपुर में प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई. अब वह सीएम अशोक गहलोत की शिकायत करने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के सामने आ गए हैं.

गहलोत ने कहा, ये कैसी तुक?
सूबे के मुखिया सीएम अशोक गहलोत ने इन युवाओं पर बीजेपी के इशारे पर प्रदर्शन करने का आरोप लगाया. गहलोत ने कहा कि प्रदेश सरकार एक लाख से अधिक युवाओं को नौकरी दे चुकी है. इसके साथ ही 77 हजार की भर्ती प्रक्रिया में है. ऐसे में लखनऊ जाकर प्रदर्शन करने का क्या तुक है. 

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले दर्जनों युवा लखनऊ गए हैं. डीएनए हिंदी को उपेन ने बताया कि सरकार लगातार वादाखिलाफी कर रही है.

23 फरवरी 2021 को सरकार से लिखित समझौता हुआ था कि सभी मांगें जल्द पूरी कर दी जाएंगी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. इसके बाद हमने सरकार से आर पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया. 14 अक्टूबर को युवा जयपुर में इकट्ठा हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. जब हमारे हक की मांगें नहीं मानी गईं, तो मजबूरी में हमें प्रियंका गांधी से मिलने आना पड़ा.

क्या ये आंदोलन राजनीतिक है? इस सवाल के जवाब में उपेन कहते हैं कि आंदोलन में राजनीति की बात तो खुद नेता कर रहे हैं. हम तो हर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर चुके हैं. हम यहां तक कहते हैं कि आप हमें युवाओं की मांगें मानने की बात स्टांप पर लिखकर दे दो और बदले में हम सरकार को लिखकर दे देंगे कि भविष्य में किसी पार्टी से चुनाव नहीं लड़ेंगे.

अनशन खत्म करा चुके हैं पायलट
इससे पहले भी कई बार उपेन यादव सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं. राजस्थान में विधानसभा चुनावों के बाद उन्होंने विभिन्न पदों में नौकरी को लेकर आमरण अनशन किया था, तब उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वा दिया था. हालांकि इसके बाद भी उपेन लगातार युवाओं के हक की आवाज उठाते रहे.

क्या हैं मांगें?
— रीट शिक्षक भर्ती 2021 में 5000 पदों पर विशेष शिक्षकों के पद निकाले जाएं
— रीट शिक्षक भर्ती 2021 में पद 31 हजार से बढ़ाकर 50 हजार किया जाएं
— प्रयोगशाला सहायक भर्ती 2018 चिकित्सा विभाग की चयन सूची जारी की जाए
— स्कूल व्याख्याता भर्ती 2018 में कम किए गए 689 पद जल्द से जल्द जोड़कर सूची जारी हो

— शिक्षक भर्ती 2012 मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के पक्ष में प्रार्थना पत्र दिया जाए
— रीट शिक्षक भर्ती 2018 को जल्द से जल्द पूरी की जाए
— नर्सिंग भर्ती 2013 में हाईकोर्ट में अभ्यर्थियों के पक्ष में जल्द से जल्द सकारात्मक जवाब देकर वंचित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए
— पंचायती राज एलडीसी भर्ती 2013 का नियुक्ति प्रक्रिया का कैलेंडर जल्द से जल्द जारी किया जाए
— टेक्निकल हेल्पर, कम्प्यूटर अनुदेशक भर्ती,पंचायतीराज, जेईएन, फर्स्ट ग्रेड, सेकंड ग्रेड पीटीआई भर्ती के 461पदों की संख्या बढ़ाकर 2000 पदों पर विज्ञप्तियां जारी की जाए

— नीमराणा कमलादेवी परीक्षा केंद्र पर दर्ज 6 बेरोजगार अभ्यर्थियों के मुकदमे वापस ले जाएं

— बाहरी राज्यों का कोटा कम करके प्रदेश के बेरोजगारों को प्राथमिकता दी जाए
— प्रतियोगी भर्ती परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र गृह जिले में और परीक्षा केंद्र सरकारी स्कूलों में दिया जाए और सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए

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