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दो से ज्यादा बच्चे वाले कर्मचारी प्रमोट क्यों किए? हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल पूछा और लगा दी रोक

Rajasthan Two Child Policy: राजस्थान में भाजपा सरकार ने दो से ज्यादा बच्चों वाले कर्मचारियों को बैकडेट से प्रमोशन का लाभ दे दिया था, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट से शिकायत की गई थी. इन याचिकाओं पर ही यह फैसला दिया गया है.

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दो से ज्यादा बच्चे वाले कर्मचारी प्रमोट क्यों किए? हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल पूछा और लगा दी रोक
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Rajasthan Two Child Policy: जयपुर हाई कोर्ट ने राजस्थान सरकार और हजारों सरकारी कर्मचारियों को करारा झटका दे दिया है. हाई कोर्ट ने उन कर्मचारियों को प्रमोट करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है, जिनके दो से ज्यादा बच्चे हैं. साथ ही राज्य सरकार से इन कर्मचारियों को बैकडेट से प्रमोशन देने के फैसले को लेकर जवाब भी मांगा है. राजस्थान सरकार के ऐसे कर्मचारियों को बैकडेट से प्रमोशन देने से प्रभावित हो रहे कर्मचारियों ने हाई कोर्ट से गुहार लगाई थी. उनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस विनोद कुमार भारवानी ने राजस्थान सरकार के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने का फैसला लिया है.

साल 2002 से लागू है दो बच्चों से जुड़ी नीति

राजस्थान में साल 2001 में तत्कालीन राज्य सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था. इस नोटिफिकेशन के जरिये सरकारी नौकरियों में प्रमोशन के लिए दो बच्चों की नीति लागू की गई थी. इस नीति के तहत 1 जून, 2002 के बाद तीसरा बच्चा पैदा करने वाले सरकारी कर्मचारी का प्रमोशन 5 साल के लिए रोकने का फैसला लिया गया था. यह कवायद जनसंख्या नियंत्रण (Population Control) के लिए प्रेरित करने के मकसद से शुरू की गई थी. साल 2017 में राज्य सरकार ने इस 5 साल के कूलिंग पीरियड को घटाकर 3 साल कर दिया था.

पिछले साल सभी को बैकडेट से दे दिया था प्रमोशन

राज्य सरकार ने 16 मार्च, 2023 को एक नया नोटिफिकेशन जारी किया था. इसमें दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने के कारण जिन कर्मचारियों के प्रमोशन रोके गए थे, उन सभी को बैकडेट से ही प्रमोशन देने का आदेश कार्मिक विभाग ने जारी किया था. इसके लिए 125 विभागों में रिव्यू डीपीसी करने का आदेश दिया गया था.

फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचे थे कर्मचारी

राजस्थान सरकार के इस नोटिफिकेशन के खिलाफ जयपुर हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं. याचिका दाखिल करने वाले सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि बैकडेट से प्रमोशन देने के फैसले से उनका वरिष्ठता क्रम प्रभावित होगा और हमें प्रमोशन देरी से मिलेगा. हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से सवाल पूछा,'जो कर्मचारी दो से ज्यादा बच्चे होने के कारण पहले अयोग्य घोषित किए जा चुके हैं, अब उन्हें कैसे प्रमोशन देने के योग्य माना जा सकता है? बैक डेट से प्रमोशन कानून के खिलाफ है.' हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगाते हुए जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी कर दिया है.

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