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Rajasthan Budget 2023: CM अशोक गहलोत ने विधानसभा में पढ़ दिया पुराना बजट, मंत्री ने टोका तो मांगनी पड़ी माफी

Rajasthan Budget 2023: अशोक गहलोत ने विपक्षी सदस्यों से सब्र रखने को कहा, लेकिन विपक्ष के कुछ सदस्य हंगामा करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गए.

Rajasthan Budget 2023: CM अशोक गहलोत ने विधानसभा में पढ़ दिया पुराना बजट, मंत्री ने टोका तो मांगनी पड़ी माफी

Ashok Gehlot 

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डीएनए हिंदी: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) शुक्रवार को अपने कार्यकाल का पांचवां और आखिरी बजट (Rajasthan Budget 2023) पेश कर रहे हैं. गहलोत के बजट पढ़ना शुरू ही किया था कि 5 मिनट बाद ही उन्हें अपना भाषण रोकना पड़ा. दरअसल, सीएम गहलोत पुराना बजट पढ़ रहे थे. तभी मंत्री महेश जोशी ने उन्हें बीच में ही रोक दिया. इसके बाद विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया. जिसकी वजह से सदन का कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

जानकारी के मुताबिक, अशोक गहलोत जब बजट पढ़ रहे थे, तो इस दौरान उन्होंने पिछली 3-4 योजनाओं को गिना दिया. इसमें एक शहरी विकास योजना भी थी जो पिछले साल लागू की गई थी. यह सुनकर विपक्षी नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया. लेकिन अशोक गहलोत तब भी नहीं समझे. उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा थोड़ा सा सब्र रखिए. इससे सभी को अच्छा लगेगा. तभी मंत्री महेश जोशी खड़े हुए और सीएम गहलोत कान में कहा कि आप पुराना बजट पड़े रहे हो. 

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CM गहलोत को मांगनी पड़ी माफी
इसके बाद सीएम अशोक गहलोत वहीं रुक गए और अपनी गलती के लिए माफी मांगी. लेकिन इसके बाद विपक्ष ने भारी हंगामा शुरू कर दिया. गहलोत ने विपक्षी सदस्यों से सब्र रखने को कहा, लेकिन विपक्ष के कुछ सदस्य हंगामा करते हुए सदन के बीचों-बीच आ गए. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ सी पी जोशी और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया के बीच तीखी नोक झोंक हुई. इसके बाद अध्यक्ष ने कहा कि वह नेता प्रतिपक्ष के व्यवहार से दुखी होकर सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित करते हैं. मौजूदा राज्य सरकार का यह पांचवां और आखिरी बजट है.

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अशोक गहलोत ने 'इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना' व महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) संबंधी घोषणाएं कीं जो पहले ही की जा चुकी हैं. उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा योजना को सरकार ने 110 से बढ़ाकर 125 दिन करने का निर्णय लिया है. वहीं, इंदिरा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत 800 करोड़ रुपये हर वर्ष खर्च करेगी. इसके तहत 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा.

वसुंधरा राजे ने कसा तंज
वहीं. इस मामले में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट किया, 'जिस प्रदेश के मुख्यमंत्री बिना चैक किए 8 मिनट तक पुराना बजट पढ़ते रहे, आप समझ सकते हैं कि उनके हाथ में प्रदेश कितना सुरक्षित  है. ये इतिहास में पहली बार हुआ है.'

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