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रोडवेज बस या गाड़ी कौन से वाहन से गाजीपुर पहुंची सोनम? ड्राइवर और चश्मदीद की कहानी के बीच उलझी पुलिस

राजा रघुवंशी की हत्याकांड को 10 दिन हो चुके हैं. इसके बाद भी कई चीजों को लेकर असमंजस की स्थिति में बनी हुई है. इनमें सोनम के गाजीपुर पहुंचने की गुत्थी में पुलिस भी उलझ गई है. इसके लिए पुलिस दोनों चश्मदीदों से घंटों पूछताछ कर रही है.

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रोडवेज बस या गाड़ी कौन से वाहन से गाजीपुर पहुंची सोनम? ड्राइवर और चश्मदीद की कहानी के बीच उलझी पुलिस
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Raja Raghuvanshi Murder Case: राजा रघुवंशी हत्याकांड में पुलिस ने भले ही उसकी पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया हो, लेकिन अभी तक मौत की गुत्थी पूरी तरह सुलझी नहीं है. बल्कि यह और उलझती जा रही है. इसके पीछे की वजह सोनम गाजीपुर कैसे पहुंची. इसको लेकर अलग अलग दो लोगों की कहानी का एक दूसरे से अलग होना है. इसमें एक तरफ ड्राइवर पीयूष का दावा है कि उसने सोनम को एर्टिगा कार से गाजीपुर तक छोड़ा था. वहीं दूसरी तरफ सैदपुर की रहने वाली उजाला यादव ने कुछ दिन पहले दावा किया था कि उसने सोनम को रोडवेज बस में देखा था. इतना ही नहीं, उसने वाराणसी से  गाजीपुर तक सोनम के साथ रोडवेज बस में यात्रा की थी. 

एर्टिगा ड्राइवर पीयूष का दावा

इंदौर क्राइम ब्रांच दफ्तर में पीयूष से गुरुवार को काफी देर तक पूछताछ की गई. इसमें पीयूष ने पुलिस को बताया कि इंदौर के उस फ्लैट से सोनम को कार में बैठाया, जहां वह वारदात के बाद से छिपी हुई थी. सोनम ने अपनी पहचान छुपाने के लिए बुर्का पहन रखा था. पीयूष के बताया कि इस पूरे सफर के दौरान सोनम चुपचाप रही. उसने इस दौरान कई बार गाड़ी रुकवाई और बाहर निकल कर मोबाइल पर बात की. इस सफर में गाजीपुर तक पीयूष के साथ एक और ड्राइवर भी था. दोनों ने मिलकर सोनम को गाजीपुर बाइपास पर उतारा और फिर चले गये. 

ड्राइवर पीयूष से अलग है उजाला यादव का दावा

वहीं सैदपुर की रहने वाली उजाला यादव की कहानी ड्राइवर पीयूष से बिल्कुल उल्ट है. उसने दावा किया था कि वह वाराणसी कैंट स्टेशन पर सोनम से मिली थी. इस दौरान वह अकेली नहीं थी. सोनम के साथ दो युवक भी थे. पहले वह सोनम का पहचान नहीं पाई थी, लेकिन गिरफ्तारी के बाद जब मीडिया में खबरें चली तब उसने सोनम को पहचाना. उसने बताया कि उसी के बाद पता चला कि जिसके साथ बस में सफर किया. वह सोनम ही थी. उजाला ने दावा किया कि सोनम बार-बार पूछ रही थी कि गोरखपुर कितनी दूर है. वह बहुत घबराई हुई थी. उजाला का दावा है कि उसने इसकी जानकारी गाजीपुर पुलिस को भी दी. हत्याकांड का पता लगने के बाद उसने राजा के परिजनों का नंबर निकालकर उनसे बात की. उसने दावा किया कि अगर विश्वास नहीं हो रहा है तो वाराणसी कैंट पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल सकते हैं. इससे पता लग जाएगा कि सोनम उसी के साथ थी. 

दो लोगों की कहानी में उलझी पुलिस, उठ रहे ये सवाल

कैब ड्राइवर पीयूष और उजाला की बातों में पुलिस उलझ गई है. इनमें दोनों का अलग अलग दावा है. ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इनमें से कौन सच बोल रहा है. इसके साथ ही कई सवाल खड़े रहे हैं. इनमें एक की क्या सोनम ने रोडवेज बस और कार दोनों में सफर किया.  इसके साथ ही पहले कार से किसी स्थान तक पहुंची. इसके बाद वहां से बस में बैठी. 

पुलिस को मिला पीयूष और राज कुशवाहा का कनेक्शन

राजा हत्याकांड में दस दिन होने के बाद भी पुलिस पूरी तरह से इस गुत्थी को सुलझा नहीं पाई है. इसमें पुलिस ने सोनम का गाजीपुर छोड़ने का दावा करने वाले पीयूष से घंटों पूछताछ की. इसमें पता चला कि ड्राइवर पीयूष लंबे समय से मुख्य साजिशकर्ता राज कुशवाहा के संपर्क में था. पीयूष के पास एक लोडिंग रिक्शा है. इससे वह सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी के गोदाम पर कई बार माल लाद चुका है. इसी गोदाम में राज कुशवाहा भी काम करता था. ऐसे में दोनों की जानपहचान होना लाजमी है, लेकिन क्या पीयूष सोनम की फरारी और हत्या की प्लानिंग में शामिल था या फिर उसका इस्तेमाल किया गया. पुलिस इसका पता लगाने में जुटी है. 

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