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गांव के लोगों का आरोप है कि पुलिस नशे के सौदागरों को नहीं पकड़ती है. इसपर लोगों ने पहले नशा करने वालों को उनके घर में जाकर चेतावनी दी.
डीएनए हिंदी: बठिंडा जिले के कालझरानी गांव की पंचायत ने आदेश दिया है कि अगर कोई गांव में चिट्टा बेचता है तो उसकी दोनों टांगें तोड़ दी जाएंगी. इतना ही नहीं, इससे पहले भी पास के गांव चक अतर सिंह वाला के एक युवक को ग्रामीणों ने पीटा था. आरोप है कि यह युवक गांव में चिट्टा बेचने आया था.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल कालझरानी गांव में चिट्टा को लेकर कई बार आवाज उठ चुकी है. इस बार लोगों ने इस नशे को जड़ से खत्म करने के लिए कसम खा ली है. लोगों ने नशा करने वाले और नशे के सौदागरों को सख्त चेतावनी दी है.
लोगों को घरों में जाकर दी गई चेतावनी
गांव के लोगों का आरोप है कि पुलिस नशा करने वालों और नशे के सौदागरों को नहीं पकड़ती है. इसपर गुस्साए लोगों ने पहले नशा करने वालों और नशा बेचने वाले लोगों को उनके घर में जाकर चेतावनी दी.
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पंचायत अपने खर्चे पर करेगी मदद
पंचायत ने फरमान जारी किया कि चेतावनी के बाद किसी ने नशा करने या बेचने की कोशिश की तो उसकी दोनों टांगे तोड़ देंगे. इस दौरान यह भी तय हुआ कि अगर कोई चिट्टा छोड़ना चाहता है तो पंचायत अपने खर्चे पर उसकी मदद करेगी.
खुले मंच पर दी गई पुलिस को वार्निंग
इसके अलावा लोगों ने पुलिस को भी वार्निंग दी है. कहा गया कि पुलिस को गांव वालों और नशा तस्करों के बीच आने की कोई जरूरत नहीं है. गावं की सरपंच के पति ने खुले मंच से माइक पर यह चेतावनी जारी की.
क्या होता है चिट्टा?
बता दें कि चिट्टा एक ऐसा नशा है जिसका एक या दो बार सेवन करने के बाद कोई भी इसका आदी हो जाता है. इसे छुड़ाने के लिए कई बार मरीज को भर्ती भी करना पड़ता है. सफेद रंग के पाउडर सा दिखने वाला यह नशा एक तरह का सिंथेटिक ड्रग्स है. इसे हेरोइन के साथ कुछ केमिकल्स मिलाकर तैयार किया जाता है.
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