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Pune Bus Fire Video: पुणे में ड्राइवर का खूनी खेल, सैलरी बोनस नहीं मिलने पर स्टाफ बस में लगाई आग, 4 मरे और 6 घायल

Pune Bus Fire Video: पुणे में बुधवार को एक कंपनी की स्टाफ बस में आग लगने के कारण 4 लोगों की जलकर मौत हो गई थी और 6 अन्य घायल हो गए थे. इसे एक्सीडेंट माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में ड्राइवर इस खौफनाक घटना का साजिशकर्ता निकला है.

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Pune Bus Fire Video: पुणे में ड्राइवर का खूनी खेल, सैलरी बोनस नहीं मिलने पर स्टाफ बस में लगाई आग, 4 मरे और 6 घायल
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Pune Bus Fire Video: महाराष्ट्र के पुणे में बुधवार को एक कंपनी की स्टाफ बस में आग किसी दुर्घटना से नहीं बल्कि साजिशन लगाई गई थी. पुणे पुलिस ने अब इस घटना का ऐसा खुलासा किया है, जिसे जानकर आप अंदर तक कांप जाएंगे. पुणे के हिंजेवाड़ी इलाके में प्रिंटिंग कंपनी व्योम ग्राफिक्स की स्टाफ बस में आग उसी के ड्राइवर ने लगाई थी. इस घटना में बस में सवार कंपनी स्टाफ में से 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी, जबकि 6 अन्य कर्मचारी घायल हो गए थे. घायल कर्मचारियों में से दो की हालत हॉस्पिटल में नाजुक बनी हुई है. पिंपरी चिंचवाड़ थाना पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. ड्राइवर ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने पूरी तरह योजना बनाकर सभी कर्मचारियों को मारने के लिए बस में आग लगाई थी. वह कंपनी द्वारा अन्य कर्मचारियों के बराबर सैलरी और बोनस नहीं दिए जाने के कारण नाराज था, जिसके चलते वह अन्य कर्मचारियों से बदला लेना चाहता था.

क्या हुआ था बुधवार को
व्योम ग्राफिक्स की बस के ड्राइवर ने बुधवार को वारजे इलाके से कर्मचारियों को बैठाया था. इसके बाद जब बस सुबह 7.30 बजे के करीब हिंजेवाड़ी IT Park इलाके में दसॉल्ट (Dassault) कंपनी के ऑफिस के करीब पहुंची तो उसमें अचानक आग लग गई. बस का ड्राइवर जनार्दन नीलकंठ हंबरडिकर (54 वर्ष) तत्काल बस से नीचे कूद गया. कंपनी स्टाफ के भी कुछ लोग बस से कूदने में सफल रहे, जबकि बाकी लोग अंदर ही फंस गए. बस के बीच में और पीछे की कतार में बैठे 4 लोगों की आग में फंसकर जिंदा ही जलने से मौत हो गई. ये सभी लोग मिनी बस के पीछे बने इमरजेंसी डोर के भी जाम होने से बाहर नहीं निकल सके थे. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था.

पुलिस ने दी है ये जानकारी
पुणे पुलिस के डिप्टी कमिश्नर विशाल गायकवाड़ के मुताबिक,'ड्राइवर जनार्दन नीलकंठ हंबरडिकर को गिरफ्तार कर लिया गया है. आग लगने पर उसके भी पैर झुलस गए थे, जिनका इलाज रूबी हॉल क्लिनिक में चल रहा है. उसके खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. ड्राइवर ने पुलिस पूछताछ में गाड़ी में आग लगाने की बात मान ली है. जनार्दन ने बताया है कि उसे कंपनी के अन्य कर्मचारियों के बराबर सैलरी और बोनस नहीं दिया जाता था, जिससे वह नाराज चल रहा था. इसके अलावा वह कुछ कर्मचारियों से भी खफा था, जो उसे ड्राइविंग के अलावा नौकरों की तरह अन्य काम करने के लिए कहते थे.' टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में DCP गायकवाड़ के हवाले से बताया गया है कि व्योम ग्राफिक्स में साल 2006 से काम कर रहा जनार्दन डायबिटिज का मरीज है. वो इस बात से भी खफा था कि कंपनी के कर्मचारी उसे सुबह 9 बजे का नाश्ता भी समय पर नहीं करने देते थे. इन सभी बातों के कारण उसने गाड़ी में आग लगाने की साजिश रची थी ताकि अन्य कर्मचारियों से बदला ले सके.

कंपनी के ही केमिकल से लगाई बस में आग
डीसीपी गायकवाड़ ने बताया कि जनार्दन ने बस में आग लगाने के लिए बेंजीन केमिकल का इस्तेमाल किया था, जो बेहद ज्वलनशील होता है. उसने यह केमिकल अपनी ही कंपनी के परिसर से चुराया था, जिसका प्रिंटिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने बताया कि इस घटना में घायल हुए 6 लोगों को कसबा पेठ इलाके के सूर्या सहयाद्रि हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां दो की हालत बेहद गंभीर है. हॉस्पिटल के जनरल सर्जन डॉ. जयसिंह शिंदे ने कहा कि दोनों बहुत ज्यादा जल चुके हैं, जिसके चलते उनकी हालत नाजुक है. फिलहाल उन्हें बचाने की कोशिश जारी है.

शॉर्ट सर्किट बताया था आग का कारण, फिर कैसे खुली पोल
पुलिस को ड्राइवर जनार्दन ने बुधवार को पूछताछ के दौरान आग लगने का कारण बस का इलेक्ट्रिक सर्किट शॉर्ट होने से उठी चिंगारी बताया था. बस निर्माता कंपनी के प्रतिनिधि और RTO अधिकारियों ने जले हुए वाहन की जांच करने के बाद उसमें शॉर्ट सर्किट नहीं होने का दावा किया था. साथ ही यह भी कहा था कि ऐसा कोई शॉर्ट सर्किट नहीं हो सकता, जिसमें पूरी बस कुछ ही सेकंड के अंदर आग से घिर जाए. इसके बाद पुलिस को ड्राइवर पर शक हुआ और गुरुवार को उससे सख्ती से पूछताछ की गई. डीसीपी गायकवाड़ के मुताबिक, इस पूछताछ में वह टूट गया और उसने बस में आग लगाने की बात स्वीकार कर ली. हिंजेवाड़ी पुलिस के सीनियर इंस्पेक्टर कन्हैया थोराट के मुताबिक, फोरेंसिक जांच में जली हुई बस से बेंजीन के अंश मिले हैं. इसके अलावा स्पॉट से अन्य सबूत भी जमा किए गए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि जनार्दन की योजना पहले इस घटना को कंपनी ऑफिस के सामने ही अंजाम देने की थी, लेकिन इसके बाद उसने अपना मन बदल लिया और दूसरी जगह बस में आग लगाकर कूद गया. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बस का पिछला इमरजेंसी गेट जाम होने के पीछे भी जनार्दन की कोई साजिश है या नहीं.

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