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Pulitzer 2022: दानिश सिद्दीकी समेत 4 पत्रकारों को पुलित्ज़र पुरस्कार, कोविड काल में खींची थी मार्मिक तस्वीरें

दानिश सिद्दीकी को मरणोपरांत पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. अफगानिस्तान में उनकी गोलीबारी में मौत हो गई थी.

Pulitzer 2022: दानिश सिद्दीकी समेत 4 पत्रकारों को पुलित्ज़र पुरस्कार, कोविड काल में खींची थी मार्मिक तस्वीरें

रॉयटर्स के पत्रकार दानिश सिद्दीकी.

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डीएनए हिंदी: पुलित्ज़र पुरस्कार 2022 ( Pulitzer Prize 2022) में एक बार फिर भारत का दबदबा रहा है. फीचर फोटोग्राफी के लिए अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू, अमित दवे और दानिश सिद्दीकी को पुल्तिजर पुरस्कार दिया गया है.

सभी पत्रकारों ने कोविड-19 महामारी के दौरान रॉयटर्स के लिए मार्मिक तस्वीरें खींची थीं. कोरोना काल में इनकी तस्वीरों पर खूब चर्चा हुई थी. दानिश सिद्दीकी (Danish Siddiqui) की जुलाई 2021 में अफगानिस्तान में हत्या कर दी गई थी.

अफगानिस्तान में तालिबानी जब एक के बाद प्रांतों पर कब्जा कर रहे थे तब दानिश सिद्दीकी युद्ध को कवर कर रहे थे. अफगान सैनिकों और तालिबानियों के बीच हुए संघर्ष के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी. दानिश सिद्दीकी पहले भी यह पुरस्कार जीत चुके थे.

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किन भारतीय पत्रकारों को मिला पुलित्ज़र?

'द पुलित्ज़र प्राइज़' की वेबसाइट के मुताबिक समाचार एजेंसी रॉयटर्स के सिद्दीकी और उनके सहयोगियों अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू और अमित दवे को इस पुरस्कार से नवाजा गया है, जिसकी घोषणा सोमवार को की गई. भारत में कोविड-19 से जुड़ी तस्वीरों के लिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

अपनी तस्वीरों के लिए अलग पहचान रखते थे दानिश 

अफगानिस्तान के स्पीन बोल्दक जिले में अफगान सैनिकों और तालिबान के बीच हिंसक संघर्ष की तस्वीरें लेते समय उनकी हत्या कर दी गई थी. सिद्दीकी को दूसरी बार पुलित्ज़र पुरस्कार से नवाजा गया है. 2018 में भी रॉयटर्स के साथ काम करते हुए उन्हें रोहिंग्या शरणार्थी संकट संबंधी तस्वीरों के लिए पुलित्ज़र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. दानिश सिद्दीकी ने अफगानिस्तान और ईरान में युद्ध, हांगकांग में प्रदर्शन और नेपाल में भूकंप जैसी महत्वपूर्ण घटनाओं की तस्वीरें ली थीं. 

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'लॉस एंजिलिस टाइम्स' के मार्कस याम को 'ब्रेकिंग न्यूज़ फोटोग्राफी श्रेणी' में पुरस्कार मिला. उन्होंने अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना के लौटने से लोगों के जीवन पर पड़े असर को दर्शाने वाली तस्वीरें ली थीं. 'गेटी इमेजेज' के विन मैकनेमी, ड्रू एंगरर, स्पेंसर प्लैट, सैमुअल कोरम और जॉन चेरी को भी ब्रेकिंग न्यूज फोटोग्राफी श्रेणी में पुलित्ज़र पुरस्कार मिला. उन्होंने अमेरिकी संसद पर हमले से जुड़ी तस्वीरें ली थीं.

अदनान आबिदी को क्यों मिला पुरस्कार

कोविड काल में अदनान आबिदी ने एक तस्वीर खींची थी जिसमें एक महिला अपने पति के लिए ऑक्सीजन मांग रही थी. यह तस्वीर उन्होंने रॉयटर्स के लिए क्लिक की थी. तस्वीर बेहद मार्मिक थी.

तस्वीर- रॉयटर्स, फोटो जर्नलिस्ट- अदनान अबीदी.

कब से दिए जा रहे हैं पुलित्ज़र अवार्ड?
साल 1912 में कोलंबिया विश्वविद्यालय ने अलग-अलग श्रेणियों में पुलित्ज़र पुरस्कार देने की योजना को मंजूरी दी. इसकी स्थापना हंगरी मूल के अमेरिकी फोटो पत्रकार जोसेफ पुलित्ज़र ने की थी. 1917 में पहली बार पुलित्ज़र पुरस्कार दिए गए थे.

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