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Priyanka Gandhi Oath: वायनाड सीट से उपचुनाव जीतकर लोकसभा पहुंची प्रियंका गांधी के शपथ लेते ही एक नया रिकॉर्ड कायम हो गया है. पहली बार गांधी परिवार के तीन सदस्य संसद में एकसाथ मौजूद हैं.
Priyanka Gandhi Oath: संसद सत्र की शुरुआत के साथ ही गुरुवार को पहले ही दिन एक अनूठा रिकॉर्ड कायम हो गया है. यह अनूठा रिकॉर्ड प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के लोकसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण करने के साथ बना है. केरल की वायनाड लोकसभा सीट से उपचुनाव जीतकर संसद पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गुरुवार को सांसद के तौर पर हिंदी भाषा में शपथ ग्रहण की. अपने भाई राहुल गांधी का हाथ पकड़कर संसद भवन में पहुंची प्रियंका गांधी ने शपथ लेने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. इस पूरी घटना को लोकसभा मे नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड किया. इस दौरान कांग्रेस की राज्यसभा सांसद और प्रियंका-राहुल की मां सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं. राहुल गांधी ने शपथ ग्रहण की फोटोग्राफी करने के बाद अपनी बहन को गले लगाकर उन्हें संसद सदस्य बनने की बधाई दी.
संविधान की प्रति दिखाकर ली शपथ
52 वर्षीय प्रियंका गांधी को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शपथ दिलाई. हिंदी भाषा में शपथ ले रहीं प्रियंका ने अपने हाथ में संविधान की वही लाल रंग की डायरीनुमा पॉकेट कॉपी ले रखी थी, जो कांग्रेस ने महाराष्ट्र-झारखंड विधानसभा चुनावों के दौरान अपनी रैलियों में बंटवाई थी. इसे शपथ ग्रहण के दौरान प्रियंका की तरफ से बड़ा सियासी संदेश माना जा रहा है. प्रियंका की शपथ ग्रहण का गवाह बनने के लिए उनके पति रॉबर्ड वाड्रा और बेटा रेहान वाड्रा व बेटी मिराया वाड्रा भी संसद की दर्शक दीर्घा में मौजूद रहे.
#WATCH | Congress leader Priyanka Gandhi Vadra takes oath as Member of Parliament in Lok Sabha
— ANI (@ANI) November 28, 2024
(Video source: Sansad TV/YouTube) pic.twitter.com/eaLJzpTY2y
पहली बार गांधी परिवार के तीन सदस्य लोकसभा में
लोकसभा में यह पहला मौका है, जब गांधी-नेहरू परिवार के तीन सदस्य एकसाथ सांसद के तौर पर मौजूद हैं. राहुल गांधी पहले से ही उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट से सांसद हैं. उनके वायनाड सीट से इस्तीफा देने पर ही प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव लड़ा था और अब वे भी लोकसभा की सांसद हैं. उनकी मां सोनिया गांधी पहले ही राज्यसभा सांसद हैं. इस तरह परिवार के तीन सदस्य एक वक्त में संसद सदस्य के तौर पर मौजूद रहेंगे. गांधी-नेहरू परिवार में इससे मिलता-जुलता ही एक मौका करीब 74 साल पहले भी 1951-52 में पहली लोकसभा के गठन के समय आया था, जब पंडित जवाहर लाल नेहरू और उनकी बहन विजयलक्ष्मी पंडित एकसाथ संसद सदस्य निर्वाचित होकर लोकसभा पहुंचे थे. यह मौका 1953 तक रहा था. इसके बाद विजयलक्ष्मी पंडित ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष निर्वाचित होने पर लखनऊ सेंट्रल लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था.
Congress President Mallikarjun Kharge shares a light moment with Priyanka Gandhi Vadra after she takes oath as Member of Parliament in Lok Sabha
(Photo source: AICC) pic.twitter.com/sghvgR4j3K— ANI (@ANI) November 28, 2024
पहली लोकसभा में गांधी-नेहरू परिवार के थे 5 सदस्य
देश की पहली लोकसभा गांधी-नेहरू परिवार के लिहाज से बेहद अनूठी थी. 1951-52 में निर्वाचित हुई लोकसभा के 489 सदस्य में गांधी-नेहरू परिवार के 5 सदस्य मौजूद थे. इनमें पंडित जवाहरलाल नेहरू और उनकी बहन विजयलक्ष्मी पंडित के अलावा पंडित नेहरू के ताऊ के बेटे श्यामलाल नेहरू की पत्नी उमा नेहरू शामिल थे. साथ ही राहुल गांधी-प्रियंका गांधी के दादा व इंदिरा गांधी के पति फिरोज गांधी भी जीतकर लोकसभा पहुंचे थे, जो पंडित नेहरू के दामाद थे. विजयलक्ष्मी पंडित के इस्तीफा देने पर उनकी जगह श्योराजवती नेहरू उपचुनाव जीतकर संसद पहुंची थीं, जो डॉक्टर किशन लाल नेहरू की पत्नी थीं. डॉक्टर किशनलाल भी पंडित नेहरू के ताऊ नंदलाल नेहरू के दूसरे बेटे थे. 1980 में पहली बार गांधी परिवार से मां-बेटे की जोड़ी संसद सदस्य बनी थीं. तब लोकसभा चुनाव में इंदिरा गांधी और संजय गांधी दोनों ने जीत हासिल की थी.
इन परिवारों के भी एक से ज्यादा सदस्य हैं संसद में
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