भारत
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 13 से 15 सितंबर (शनिवार से सोमवार) तक पांच राज्यों मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार का दौरा करेंगे और 71,850 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मिज़ोरम, असम और मणिपुर समेत कई पूर्वोत्तर राज्यों का दौरे पर हैं और इन क्षेत्रों में कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं. पीएम ने मिजोरम में बैराबी-सैरांग रेल लाइन सहित 9,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा, मिजोरम भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह भारत के लोगों, खासकर मिज़ोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है. उन्होंने कहा, "चाहे स्वतंत्रता आंदोलन हो या राष्ट्र निर्माण, मिज़ोरम के लोग हमेशा योगदान देने के लिए आगे आए हैं... त्याग और सेवा, साहस और करुणा, ये मूल्य मिज़ो समाज के केंद्र में हैं. आज, मिज़ोरम भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यह राष्ट्र के लिए, खासकर मिज़ोरम के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है."
#WATCH | Mizoram: Prime Minister Narendra Modi says, "Whether it is the freedom movement or nation building, the people of Mizoram have always come forward to contribute... Sacrifice and service, courage and compassion, these values are at the centre of Mizo society. Today,… pic.twitter.com/0gm3wAIkuj
— ANI (@ANI) September 13, 2025
प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर के चुराचांदपुर भी जाएंगे, जो 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से राज्य का उनका पहला दौरा है. प्रधानमंत्री 7,300 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और एक जनसभा को संबोधित भी कर सकते हैं. वह इंफाल भी जाएँगे और 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "अगले कुछ दिनों में, 13, 14 और 15 सितंबर को, मैं मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में कार्यक्रमों में भाग लूंगा, जिनका उद्देश्य 'जीवन को आसान बनाना' है. इन परियोजनाओं का लोगों के जीवन पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, विशेष रूप से कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन और अन्य चीजों को बढ़ावा देने में."
प्रधानमंत्री मिज़ोरम का दौरा करेंगे और सुबह लगभग 10 बजे आइज़ोल में 9000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. बयान के अनुसार, वह एक सार्वजनिक समारोह को भी संबोधित करेंगे.
मणिपुर में, वह दोपहर लगभग 12:30 बजे चुराचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इस अवसर पर वह उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद, वह दोपहर लगभग 2:30 बजे इम्फाल में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री असम का दौरा करेंगे और शाम लगभग 5 बजे गुवाहाटी में भारत रत्न भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के समारोह में भाग लेंगे. इस अवसर पर वे उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे.
14 सितंबर को, प्रधानमंत्री मोदी असम में 18,530 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली प्रमुख बुनियादी ढाँचा और औद्योगिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. वह सुबह लगभग 11 बजे दरंग में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे. इसके बाद, वह दोपहर लगभग 1:45 बजे गोलाघाट स्थित असम बायो-एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड, नुमालीगढ़ रिफाइनरी प्लांट का उद्घाटन करेंगे. वह गोलाघाट में पॉलीप्रोपाइलीन प्लांट की आधारशिला भी रखेंगे.
15 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे और सुबह करीब 9:30 बजे कोलकाता में 16वें संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2025 का उद्घाटन करेंगे. इसके बाद, प्रधानमंत्री बिहार का दौरा करेंगे और दोपहर लगभग 2:45 बजे पूर्णिया हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा, वे पूर्णिया में लगभग 36,000 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे और इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे. वे बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का भी शुभारंभ करेंगे. मिज़ोरम में, वह आइज़ोल में 9000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे.
ये परियोजनाएँ रेलवे, सड़क मार्ग, ऊर्जा, खेल आदि सहित कई क्षेत्रों को लाभान्वित करेंगी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी तीन नई एक्सप्रेस ट्रेनों, सैरांग (आइजोल)-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) राजधानी एक्सप्रेस, सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस और सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे. बयान में कहा गया है, "आइजोल अब राजधानी एक्सप्रेस के माध्यम से दिल्ली से सीधे जुड़ जाएगा. सैरंग-गुवाहाटी एक्सप्रेस मिजोरम और असम के बीच आवाजाही को सुगम बनाएगी. सैरंग-कोलकाता एक्सप्रेस मिजोरम को सीधे कोलकाता से जोड़ेगी." सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री कई सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें आइजोल बाईपास रोड, थेनजोल-सियालसुक रोड और खानकावन-रोंगूरा रोड शामिल हैं.
प्रधानमंत्री लॉन्गतलाई-सियाहा रोड पर छिमटुईपुई नदी पुल का भी शिलान्यास करेंगे, जो सभी मौसमों में संपर्क प्रदान करेगा और यात्रा के समय को दो घंटे कम करेगा. इसके बाद, खेल विकास के लिए खेलो इंडिया बहुउद्देशीय इनडोर हॉल का शिलान्यास किया जाएगा. क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना को सुदृढ़ करते हुए, प्रधानमंत्री आइज़ोल के मुआलखांग में 30 टीएमटीपीए (हज़ार मीट्रिक टन प्रति वर्ष) क्षमता वाले एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की आधारशिला रखेंगे. बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री चुराचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें 3,600 करोड़ रुपये से अधिक की मणिपुर शहरी सड़कें, जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन सुधार परियोजना; 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की 5 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं; मणिपुर इन्फोटेक विकास (एमआईएनडी) परियोजना, 9 स्थानों पर कामकाजी महिला छात्रावास आदि शामिल हैं. असम में प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें दरांग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जीएनएम स्कूल और बीएससी नर्सिंग कॉलेज शामिल हैं.
गोलाघाट के नुमालीगढ़ में, प्रधानमंत्री नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) में असम बायोएथेनॉल संयंत्र का उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना है. वे नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) में पॉलीप्रोपाइलीन संयंत्र की आधारशिला भी रखेंगे, जो असम के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा. एक मजबूत, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री 15 सितंबर को कोलकाता में 16वें संयुक्त कमांडर सम्मेलन-2025 का उद्घाटन करेंगे और उसे संबोधित करेंगे. वहीं, बिहार में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ करेंगे. यह बोर्ड उत्पादन और नई तकनीक के विकास को बढ़ावा देगा, फसलोत्तर प्रबंधन को मज़बूत करेगा, मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देगा, तथा मखाना के बाज़ार, निर्यात और ब्रांड विकास को सुगम बनाएगा, जिससे बिहार और देश के मखाना किसानों को लाभ होगा.
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