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PM Modi Parliament Speech: 'कांग्रेस का फैमिली फर्स्ट मॉडल' पीएम मोदी बोले- जय भीम बोलते सूखता था इनका गला, पढ़ें 10 पॉइंट्स

PM Modi Parliament Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सभा में कहा कि कांग्रेस से 'सबका साथ, सबका विकास' की उम्मीद करना बड़ी गलती होगी. उन्होंने इमरजेंसी के दौर को लेकर राहुल गांधी का नाम लिए बिना निशाना साधा और कहा कि उनके मुंह से संविधान का जिक्र शोभा नहीं देता है.

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PM Modi Parliament Speech: 'कांग्रेस का फैमिली फर्स्ट मॉडल' पीएम मोदी बोले- जय भीम बोलते सूखता था इनका गला, पढ़ें 10 पॉइंट्स
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PM Modi Parliament Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बजट अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर राज्य सभा को संबोधित किया है. उन्होंने कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) व मौजूदा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) की तरफ से उठाए गए सवालों का तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए पास केवल फैमिली फर्स्ट मॉडल है. कांग्रेस से 'सबका साथ, सबका विकास' की उम्मीद करना बड़ी गलती होगी. कांग्रेस भीमराव आंबेडकर के नाम से चिढ़ती थी. जय भीम बोलने में कांग्रेस का मुंह सूख जाता था. उन्होंने पिछड़ी जाति आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं देने को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा. साथ ही विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए कहा कि देश में इस समय केवल जातिवाद का जहर घोलने की कोशिश हो रही है. प्रधानमंत्री मोदी (Narendra Modi) ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए समाज के हर वर्ग के लिए काम करने का दावा किया है.

5 पॉइंट्स में पढ़िए पीएम मोदी ने क्या-क्या बात कही है-

1- 'आज मजबूरी में जय भीम बोल रही है कांग्रेस'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सभा में आरक्षण के मुद्दे पर बोलने के दौरान कांग्रेस पर बाबा साहेब आंबेडकर को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा,'संविधान निर्माता बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर को कभी कांग्रेस ने सम्मान नहीं दिया. कांग्रेस उनसे चिढ़ती थी. आजादी के इतने साल बाद भी उन्हें भारत रत्न सम्मान के लायक नहीं समझा गया. जय भीम बोलने में कांग्रेस का मुंह सूख जाता था, लेकिन कांग्रेस रंग बदलने में बड़ी माहिर है. अब बदलती हवा देखकर कांग्रेस को भी मजबूरी में जय भीम बोलना पड़ रहा है.'

2- 'एक परिवार के लिए समर्पित है कांग्रेस'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'राष्ट्रपति ने अपने प्रेरक, प्रभावी और हम सबके लिए मार्गदर्शक अभिभाषण से देश को आगे बढ़ने की दिशा दिखाई है.' इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा,'इसे (राष्ट्रपति के अभिभाषण को) जिसने जैसा समझा, वैसे ही समझाया. अभिभाषण में सबका साथ, सबका विकास की बात की गई. ये हम सभी का दायित्व है. इसमें कठिनाई क्या है? लेकिन कांग्रेस से ऐसी अपेक्षा करना बड़ी गलती होगी, क्योंकि यह उनकी सोच-समझ और उनके रोडमैप से बाहर है. कांग्रेस के मॉडल में फैमिली फर्स्ट ही सबसे ऊपर है. इतना बड़ा दल एक परिवार के लिए समर्पित है.' पीएम मोदी ने आगे कहा,'हमारे मॉडल को मैं एक शब्द में 'नेशन फर्स्ट' कहूंगा. देश की जनता ने हमारे इस विकास के मॉडल को समझा और समर्थन दिया. इसी कारण देश की जनता ने हमें लगातार तीसरी बार सेवा का मौका दिया है.'

3- 'संविधान निर्माता चाहते थे UCC लाना, कांग्रेस ने रोका'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'आज लोग समान नागरिक संहिता (UCC) लाने पर हैरान होते हैं, हंगामा करते हैं. लेकिन हम संविधान की मूल भावना का आदर करते हैं. संविधान निर्माता UCC लाना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने उनकी भावना को कुचल दिया. संविधान की भावना का अनादर किया. इसके लिए कांग्रेस ने Freedom Of Speech को कुचल दिया. चुनी हुई सरकार भी नहीं थी, केवल प्रतिनिधि सरकार थी. तब भी यह कदम उठाकर कांग्रेस ने लोकतंत्र को कुचलने का काम किया. 

4- मजरूह सुल्तानपुरी, बलराज साहनी और हृदयनाथ मंगेशकर के सहारे कांग्रेस पर निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मजरूह सुल्तानपुरी अपने समय के नामी गीतकार और शायर थे. उन्होंने एक कार्यक्रम में सरकार पर तंज कसने वाली कविता पढ़ी थी तो जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें जेल में बंद करा दिया था. सरकार के विरोध में खड़े होने वाले में जाने-माने अभिनेता बलराज साहनी भी शामिल थे, उन्हें भी जेल भेज दिया गया. हृदयनाथ मंगेशकर ने इसका विरोध किया तो उन्हें आकाशवाणी से बाहर कर दिया गया,.

5- 'इमरजेंसी के दौर में कुचल दिया गया लोकतंत्र'
प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस की उस दुखती रग पर हाथ रखा, जिससे वह बचती रही है. उन्होंने इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री पद पर रहते समय देश में इमरजेंसी लागू करने का जिक्र किया और कहा,'इमरजेंसी के दौर में लोकतंत्र को पूरी तरह कुचल दिया गया था. एक्टर देवानंद को इमरजेंसी का समर्थन जनता के सामने करने के लिए कहा गया. उन्होंने इंकार कर दिया तो उनकी फिल्मों को दूरदर्शन पर बैन कर दिया गया. गायक किशोर कुमार को इमरजेंसी के समर्थन में गाना गाने के लिए कहा गया. उन्होंने इंकार किया तो उनके गानों को आकाशवाण पर बैन कर दिया गया. शाही परिवार के सुख के लिए जेलें भरी गईं.  लोगों को जंजीर से बांधा गया. जॉर्ज फर्नांडीज को बेड़ियां बांधी गईं. संविधान को पूरी तरह कुचल दिया गया. आज ये लोग (राहुल गांधी) संविधान और लोकतंत्र की बात करते हैं. ऐसे लोगों के मुंह से संविधान का जिक्र शोभा नहीं देता है.

6- खरगे पर साधा कवि नीरज की कविता से निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के बीच में बोलने पर तंज कसा. उन्होंने कहा,'आप सुनते रहिए. आपको मौका नहीं मिलेगा.' फिर मोदी ने आगे कहा,'सभापति जी, माननीय खरगे जी, आपके सामने शेर सुनाते हैं और आप मजे लेते हैं. उन्होंने नीरज की कविताएं पढ़ी थीं. मैं भी खरगे जी को नीरज जी की कुछ पंक्तियां सुनाना चाहता हूं. कांग्रेस सरकार के 1970 के दौर के राज में नीरज जी ने ये कविता लिखी थी. उन्होंने लिखा था,'है बहुत अंधियारा, सूरज निकलना चाहिए, जिस तरह से हो ये मौसम बदलना चाहिए... फिर दीप जलेगा, मेरे देश उदास ना हो, फिर दीप जलेगा, तिमिर ढलेगा.' पीएम मोदी ने कहा,'हमारे प्रेरणा पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भी 40 साल पहले एक कविता कही थी. उन्होंने कहा था,'फिर से सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा.'

7- 'जातिवाद फैलाना कुछ लोगों का शौक'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'इस देश में जातिवाद फैलाना कुछ लोगों का शौक है. आज जातिवाद का जहर फैलाने का भरपूर प्रयास हो रहा है. हमारी सरकार ने एससी-एसटी एक्ट को मजबूत बनाकर दलित-आदिवासी समाज के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता दिखाई है.' उन्होंने कहा,'हमने देश की जनता को साल 2014 में अल्टरनेटिव मॉडल दिया. हमने तुष्टिकरण के बजाय संतुष्टिकरण के मॉडल की बात की. जनता ने उसे स्वीकार किया. कांग्रेस का तरीका होता था कि चुनाव के समय छोटे तबके को कुछ दे देना और बाकियों को तरसाना. झुनझुना बांटना और बस वोट की खेती काटना. हमने देश की प्रगति और सैचुरेशन की अप्रोच बनाई. लोग इस बदलाव को हल्का-हल्का अनुभव करने लगे हैं.'

8- 'हमने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'हमने देश की 25 करोड़ जनता को गरीबी की रेखा से बाहर निकाला है. हमने शहर में रहकर भी कच्चे घरों में रहने को मजबूर लोगों की मजबूरी को समझा. हमने 4 करोड़ लोगों को पक्के मकान दिए हैं. मुझे अपने देश के गरीबों पर बहुत भरोसा है. सबसे ज्यादा काम गरीबों के लिए किए गए, लेकिन मध्यम वर्ग को भी सशक्त करने का काम किया गया. देश की तरक्की का आधार मध्यम वर्ग ही है. हमने उन्हें टैक्स छूट का तोहफा दिया. 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया गया है. इसका लाभ बहुत बड़ी संख्या में लोगों को हुआ है. हमारे विकसित भारत के मॉडल में योगदान के लिए आज मध्यम वर्ग तैयार है. वह आत्मविश्वास से भरा हुआ है.' 

9- विकसित भारत में युवाओं की अहम भूमिका'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,'विकसित भारत में युवाओं की अहम भूमिका है. विकसित भारत का आधार शिक्षा, कॉलेज और छात्र हैं. हमने इसके लिए 3 दशक बाद देश में नई शिक्षा नीति लागू की. हमने शिक्षा में मातृ भाषा में पढ़ाई और परीक्षा सुनिश्चित की. देश की आजादी के बाद भी हम भाषायी गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रहे हैं. मातृ भाषा के साथ घोर अन्याय हुआ है. हमने भाषायी अन्याय को खत्म किया है. अब गरीब बच्चे भी डॉक्टर और इंजीनियर बन सकते हैं.' उन्होंने कहा,'हमने सैनिक स्कूलों के दरवाजे बेटियों के लिए खोले हैं. वे भी देशभक्ति के जज्बे से ओतप्रोत हैं और इसमें योगदान दे सकती हैं.'

10- 'हम प्रोजेक्ट लटकाते नहीं, पूरे करते हैं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,'हम प्रोजेक्ट्स को लटकाते नहीं हैं, हम पूरे करते हैं. अटकाना-लटकाना कांग्रेस का कल्चर था. 19 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अटके हुए थे. सरयू नहर परियोजना 1972 से लटकी हुई थी. असम का बोगीबिल पुल हमने 2018 में पूरा किया. जम्मू-कटरा-श्रीनगर रेल परियोजना हमने लॉन्च की और 2025 में चालू भी कर दी. हमने कांग्रेस के लटकाए हुए प्रोजेक्ट्स को भी पूरा किया. हमने पीएम गति शक्ति प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिससे निर्णय प्रक्रिया तेज हुई. दुनिया ने भारत की स्टार्टअप क्रांति देखी है.'

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