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'दर्जनों हिंदुओं का कत्ल, 152 मंदिर तोड़े गए' Bangladesh Violence पर संसद में क्या बोली मोदी सरकार

Bangladesh Violence के दौरान हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर कट्टरपंथियों ने जबरदस्त अत्याचार किया है. वहां हालात लगातार बदतर हो रहे हैं. अब संसद में भी भारत सरकार ने यह जानकारी दी है कि बांग्लादेश हिंदुओं के लिए किस तरह नर्क बन गया है.

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'दर्जनों हिंदुओं का कत्ल, 152 मंदिर तोड़े गए' Bangladesh Violence पर संसद में क्या बोली मोदी सरकार
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Bangladesh Violence के दौरान कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हमले को लेकर पूरी दुनिया में चिंता जताई गई थी. बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और उन पर हमले की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं. इसके बावजूद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम बांग्लादेशी सरकार लगातार ऐसे हमलों को नकारती रही है. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार ने संसद में बजट सत्र के दौरान ऐसे आंकड़े पेश किए हैं, जिनसे बांग्लादेश में हिंदुओं के नर्क जैसे हालात से गुजरने की पुष्टि हो रही है. सरकार ने लोकसभा में यह बात मानी है कि पिछले साल तत्कालीन बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के तख्तापलट के बाद शुरू हुई हिंदू विरोधी हिंसा में कम से कम 23 हिंदुओं की मौत हुई है और 152 हिंदू मंदिरों पर हमला करके तोड़फोड़ की गई है.

सरकार ने बना रखी है बांग्लादेश में हिंसा पर करीबी नजर
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हिंसा के आंकड़े पेश किए. उन्होंने कहा,'बांग्लादेश मे हिंदू और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार हिंसक घटनाएं हो रही हैं. पिछले अगस्त से अब तक 23 हिंदुओं की मौत हो चुकी है और 152 हिंदू मंदिरों पर हमलेह हुए हैं. पिछले दो महीनों में ही हिंदुओं पर 76 हमले सामने आए हैं.' कीर्ति वर्धन सिंह ने आगे कहा,'केंद्र सरकार बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हिंसा पर करीबी नजर रख रही है और लगातार बांग्लादेशी सरकार को अपनी चिंताओं से अवगत करा रही है.'

बांग्लादेश पुलिस ने 1254 अल्पसंख्यक विरोधी घटनाओं की बात मानी
कीर्ति वर्धन सिंह ने सदन को बताया कि विदेश सचिव ने 9 दिसंबर को बांग्लादेश का दौरा किया था. इस दौरे पर उन्होंने बांग्लादेश सरकार को अपनी चिंताओं से अवगत कराया था, जिनमें हिंदुओं की सुरक्षा भी शामिल है. इसके बाद 10 दिसंबर, 2024 को खुद बांग्लादेश सरकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अल्पसंख्यकों पर हमले के 88 केस स्वीकार किए थे और इनमें 70 लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया था. साथ ही बांग्लादेश पुलिस ने जांच के बाद 1254 अल्पसंख्यक विरोधी घटनाओं की बात मानी थी.'

बांग्लादेश सरकार नहीं मानती इसे सांप्रदायिक हिंसा
मोहम्मद यूनूस की बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में हिंदुओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा की बात नकार दी थी. यूनुस सरकार ने कहा था कि पुलिस ने उन दावों की जांच की है, जो अल्पसंख्यकों के एक संयुक्त मंच ने लगाए हैं. इन दावों में अगस्त से दिसंबर के दौरान 174 सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं में 23 हिंदुओं की हत्या हुई है. बांग्लादेश पुलिस की जांच में इनमें से किसी भी हत्या के पीछे सांप्रदायिक कारण सामने नहीं आया है. ये सब आपसी झगड़े का नतीजा हैं.

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