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लगातार बढ़ रहे हैं Petrol-Diesel के दाम, क्या सच हो रही है विपक्ष की भविष्यवाणी?

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है. लगातार तेल की कीमतों में इजाफा हो रहा है.

लगातार बढ़ रहे हैं Petrol-Diesel के दाम, क्या सच हो रही है विपक्ष की भविष्यवाणी?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी. (फाइल फोटो क्रेडिट- Facebook/rahulgandhi)

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डीएनए हिंदी: बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल ( Petrol-Diesel) के दामों को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार (PM Narendra Modi) विपक्ष के निशाने पर है. महानगरों में पेट्रोल की कीमतें शतक के आंकड़े को पार कर चुकी हैं. कांग्रेस (Congress) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) समेत कई दलों ने मांग की है कि लोकसभा में इस विषय पर चर्च कराई जाए. 

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में मंगलवार को कहा है कि महंगाई से देश की जनता बेहाल है. पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ी हुई कीमतों को सरकार वापस ले और सदन में चर्चा कराए. कांग्रेस नेताओं ने यह भी है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर राहुल गांधी ने भविष्यवाणी की थी जो अब सच साबित हो रही है.

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सच हो रही है राहुल गांधी की भविष्यवाणी?

पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम को लेकर अब कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि राहुल गांधी की भविष्यवाणी सच साबित हो रही है. दरअसल 5 मार्च को राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया था कि फटाफट पेट्रोल टैंक फुल करवा लीजिए. मोदी सरकार का चुनावी ऑफर खत्म होने जा रहा है. कांग्रेस नेताओं का दावा है कि राहुल गांधी की यह बात सच साबित हो रही है क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ रहे हैं. 

कांग्रेस (Congress) की युवा इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ मंगलवार को पेट्रोलियम मंत्रालय के नजदीक विरोध प्रदर्शन भी किया. भारतीय युवा कांग्रेस की कई महिला कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चूल्हा रखकर रोटियां सेंकी और अपना विरोध दर्ज कराया.
 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाली सिलेंडर की अर्थी

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिलेंडर की अर्थी भी निकाली. युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए ट्वीट किया कि महिलाएं सड़कों पर हैं, स्मृति ईरानी कहां हैं? उन्होंने कहा कि सरकार को बढ़ी हुई कीमतें तत्काल वापस लेनी चाहिए.

क्या है माकपा का रिएक्शन?

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि केंद्र ने बढ़ोतरी से लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने एक ट्वीट में कहा कि मोदी सरकार यह तय कर रही है कि कोविड महामारी के बाद लोगों को कोई राहत नहीं मिले सके. कीमतों में वृद्धि से लोगों का जीना मुहाल हो गया है. कम से कम अब पेट्रो उत्पादों पर केंद्रीय टैक्स खत्म करें और.

क्या है केंद्र का जवाब?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को विनियोग विधेयक 2022 और वित्त विधेयक 2022 पर चर्चा के दौरान मौजूदा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि के लिए आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध के चलते दुनिया के तमाम देश प्रभावित हुए हैं. 

क्या है विपक्ष की मांग?

विपक्ष ने सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों और रसोई गैस की कीमतों में रोलबैक की मांग की है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 22 मार्च से अब तक 7 से ज्यादा बार बढ़ोतरी की जा चुकी है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर विपक्ष ने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बयान देने के लिए भी कहा है. केंद्र सरकार पर महंगाई को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है.

कितने बढ़ चुके हैं तेल के दाम?

पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. पेट्रोल में 80 पैसे प्रति लीटर की और बढ़ोतरी हुई है. ज्यादातर राज्यों की राजधानी में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर पार कर गए हैं. वहीं डीजल के दाम 70 पैसे लीटर बढ़ाए गए हैं. बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दामों में 80 पैसे की फिर बढ़ोतरी हुई है. पेट्रोल की कीमत बढ़कर 101.01 रुपये प्रति लीटर हो गई है.  मुंबई में पेट्रोल का दाम 115.04 रुपये लीटर जबकि चेन्नई में 105.94 रुपये प्रति लीटर है. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 109.68 रुपये लीटर पहुंच गए हैं. 

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