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SCO की दिल्ली में होगी बैठक, सभी देशों के रक्षामंत्री होंगे शामिल, पाकिस्तान रहेगा नदारद, जानिए वजह

भारत में शंघाई सहयोग संगठन की अहम बैठक होने वाली है. पाकिस्तान इस बैठक में शामिल नहीं होगा. पाकिस्तान इस बार भी वैश्विक मंच पर आंख मिचौली कर रहा है.

SCO की दिल्ली में होगी बैठक, सभी देशों के रक्षामंत्री होंगे शामिल, पाकिस्तान रहेगा नदारद, जानिए वजह

SCO समिट में हिस्सा लेने से बचना चाह रहा है पाकिस्तान.

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डीएनए हिंदी: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक इस बार देश की राजधानी दिल्ली में हो रही है. चीन, रूस और दूसरे सदस्य देश जहां भारत आने के लिए बेताब हैं, वहीं पाकिस्तान इस बैठक से एक बार फिर कन्नी काट रहा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने साफ कर दिया है कि वे भारत में होने वाली इस अहम बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. दूसरे सदस्य देशों के रक्षामंत्री इस सप्ताह होने वाली अहम बैठक में हिस्सा ले रहे हैं.

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ नई दिल्ली में शुक्रवार को होने वाली एससीओ के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होंगे चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई शोइगु उन लोगों में शामिल हैं जो बैठक में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं. 

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे. बैठक में अफगानिस्तान के मौजूदा हालात सहित क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत की जाएगी. सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए भी मंथन होगा, जिसे पाकिस्तान खुद पर अटैक की तरह देखता है.

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कौन-कौन ले रहा है बैठक में हिस्सा?

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, इस बैठक में चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान के रक्षा मंत्री भाग लेंगे. भारत ने एससीओ के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बेलारूस और ईरान को आमंत्रित किया है, जो वर्तमान में एससीओ में पर्यवेक्षक हैं.  

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पाकिस्तान के प्रतिनिधि क्यों नहीं आ रहे हैं दिल्ली?

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री भारत आने से बचना चाह रहे हैं. तमाम वैश्विक मंचों पर भारतीय प्रतिनिधियों से मुंह की खा चुके पाकिस्तान सरकार को लगता है कि भारत में आएंगे तो उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी. वे सीधी बहस से बचना चाह रहे हैं. देश की खराब होती अर्थव्यवस्था की वजह से भी उन्हें दुनियाभर में मदद की गुहार लगानी पड़ रही है.

भारत इस बैठक में आतंकवाद का अहम मुद्दा उठा सकता है, जिससे पाकिस्तान आहत हो सकता है. पाकिस्तान सरकार के कई मंत्री भारत के खिलाफ वैश्विक मंचों पर जहर उगलते हैं, ऐसी स्थिति में आलोचनाओं से बचने के लिए पाकिस्तान, भारत सीधे नहीं आ रहा है, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ना चाह रहा है.

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