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Pahalgam Attack करवाने वाले पाकिस्तानी संगठन TRF को अमेरिका ने घोषित किया आतंकवादी संगठन

Pahalgam Attack: पाकिस्तान की पनाह में पल रहे 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' को (TRF) को अमेरिकी सरकार ने 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित कर दिया है. बता दें कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी TRF ने ही ली थी...

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Pahalgam Attack करवाने वाले पाकिस्तानी संगठन TRF को अमेरिका ने घोषित किया आतंकवादी संगठन

pahalgam attack US labels the resistance front TRF as a designated foreign terrorist organization

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Zero Tolerance For Terrorism - पाकिस्तान की पनाह में पल रहे 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' को (TRF) को अमेरिकी सरकार ने 'विदेशी आतंकवादी संगठन' घोषित कर दिया है. बता दें कि इस साल 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी TRF ने ही ली थी, जिसमें आतंकियों ने 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को बयान जारी कर इसकी जानकारी दी. बता दें कि भारत सरकार ने 5 जनवरी, 2023 को TRF को आतंकी संगठन घोषित कर दिया था... 

पहलगाम अटैक की ली थी जिम्मेदारी, फिर मुकर गया था TRF

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद TRF ने घटना की जिम्मेदारी ली थी और बयान जारी कर कहा था कि भारत सरकार कश्मीर में मुस्लिमों को बहुसंख्यक से अल्पसंख्यक बना रही है. लेकिन,  26 अप्रैल को TRF इससे मुकर गया और संगठन के प्रवक्ता अहमद खालिद ने बयान जारी कर कहा कि पहलगाम हमले के लिए TRF को जिम्मेदार ठहराना गलत है, उसने कहा की  उनकी वेबसाइट हैक कर ली गई थी.   

आर्टिकल-370 हटाए जाने के बाद अस्तित्व में आया TRF 

TRF 2019 में आर्टिकल-370 हटने के बाद अस्तित्व में आया, भारत सरकार भी इस संगठन को लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी आतंकी संगठन मानती है. TRF मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय है और यह अक्सर ऐसे लोगों को भर्ती करता है जो दिखते तो आम नागरिकों के जैसे है पर गुप्त रूप से आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं. ये हाइब्रिड आतंकवादी कहे जाते हैं.  

मार्को रुबियो ने बयान में क्या कहा  

मार्को रुबियो ने अपने बयान में लिखा कि TRF लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक मुखौटा और प्रॉक्सी, TRF ने 22 अप्रैल 2025 को भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे. उन्होंने बयान में लिखा कि यह 2008 में मुंबई हमलों के बाद लश्कर का भारत में नागरिकों पर किया गया सबसे घातक हमला था.'

मार्को रुबियो ने बताया कि अमेरिकी सरकार का यह फैसला राष्ट्रपति ट्रम्प के पहलगाम हमले के लिए न्याय का आह्वान है औ यह कार्रवाई हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के प्रति ट्रम्प प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. 
 

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