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AIIMS चीफ का बयान, कहा-Omicron से लड़ने के लिए तैयार हैं हम, घबराने की जरूरत नहीं

एम्स प्रमुख ने कहा- ओमिक्रॉन के लक्षण हल्के होते हैं और इसका रिकवरी रेट भी तेज है.

AIIMS चीफ का बयान, कहा-Omicron से लड़ने के लिए तैयार हैं हम, घबराने की जरूरत नहीं

Dr randeep Guleria

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डीएनए हिंदी: देश भर में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 16, 764 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इसी के साथ कुल आंकड़ा 91,361 तक पहुंच गया है. इस बीच AIIMS चीफ रणदीप गुलेरिया ने ज्यादा परेशान ना होने की सलाह दी है. गुलेरिया ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ' कोरोना का ये नया वेरिएंट मुख्य तौर पर गले पर असर करता है ना कि फेफड़ों पर. जिन्हें कोई गंभीर समस्या नहीं है, वे ज्यादा तनाव ना लें, ना ही बिना वजह अस्पतालों में बेड के लिए परेशान हों.'

गुलेरिया के मुताबिक लोगों को होम आइसोलेशन पर ध्यान देना चाहिए. ओमिक्रॉन से रिकवरी भी काफी तेजी से होती है, इसलिए इससे पीड़ित लोग घर पर रहें. दूसरों के संपर्क में ना आएं और अपना ध्यान रखें. 

गुलेरिया का कहना है कि ओमिक्रॉन से ग्रस्त होने वाले कुछ ही मरीज ऐसे हैं जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है या जिनके डेल्टा वेरिएंट जैसे गंभीर लक्षण होते हैं. ओमिक्रॉन में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिर दर्द और बदन दर्द जैसे लक्षण दिख रहे हैं. ऐसे कोई भी लक्षण दिखें तो अपना टेस्ट जरूर कराएं और खुद को होम आइसोलेट कर लें. 

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हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि जीनोम सर्विलेंस के जरिए 1270 ओमिक्रॉन मामलों की पुष्टि हुई थी, जिसमें से 374 पूरी तरह ठीक हो चुके हैं. 

वहीं गुलेरिया का ये भी कहना है कि वैक्सीनेशन इम्यूनिटी मजबूत करने में कारगर रही है और ये हमें ओमिक्रॉन जैसे खतरों से काफी हद तक बचाने या कम जोखिम में डालने में मददगार भी है. 

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