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Odisha का गंजम जिला बना बाल विवाह मुक्त, पहले 15 साल होती ही ब्याह दी जाती थी बालिकाएं

बाल विवाह को नियंत्रित करने के लिए, गंजम प्रशासन ने यूनिसेफ और एक्शन एड इंडिया की मदद से 2019 में निर्भया कढ़ी कार्यक्रम शुरू किया था.

Odisha का गंजम जिला बना बाल विवाह मुक्त, पहले 15 साल होती ही ब्याह दी जाती थी बालिकाएं
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डीएनए हिंदीः ओडिशा (Odisha) के गंजम ने खुद को बाल विवाह (Child marriage) मुक्त जिला घोषित कर दिया है. जिला कलेक्टर विजय अमृता कुलंगे ने सोमवार को इस आशय का आदेश जारी किया है.

आदेश में कहा गया है कि संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ), तहसीलदारों, एनएसी के कार्यकारी अधिकारियों और बाल विवाह निषेध अधिकारियों द्वारा विधिवत सत्यापन के बाद जिसकी सिफारिश जीपी, वार्ड, ग्राम स्तरीय टास्क फोर्स समितियों द्वारा की गई है. प्रशासन गंजम ने जिले को बाल विवाह मुक्त जिला घोषित कर दिया है.

कलेक्टर ने कहा कि जिले में 3,309 बाल विवाह मुक्त गांव, शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के तहत 280 बाल विवाह मुक्त वार्ड और 503 बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत हैं. निर्भया कढ़ी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए उनकी टीम ने काफी मेहनत की है.

बाल विवाह को नियंत्रित करने के लिए, गंजम प्रशासन ने यूनिसेफ और एक्शन एड इंडिया की मदद से 2019 में निर्भया कढ़ी कार्यक्रम शुरू किया था. कार्यक्रम के तहत बाल विवाह की बुराइयों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करने के लिए पंचायत और वार्ड-स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया था.

साल 2011 के आंकड़ों के मुताब‍िक, ओड‍िशा में 59.9 लाख लड़क‍ियां 15 साल की उम्र की हैं. इनमें से 41,729 लड़क‍ियों की शादी 18 वर्ष की उम्र से पहले ही हो गई थी. इसके साथ ही इनमें से एक चौथाई यानी 10,685 लड़क‍ियों की शादी 15 साल पूरा होने से पहले ही हो जाती थी. इसके पीछे गरीबी, सामाज‍िक असुरक्षा, दहेज व अन्य परम्‍पराएं प्रमुख हैं. इसके अलावा अश‍िक्षा, एक जगह से दूसरे जगह प्रवास करना भी लड़क‍ियों की जल्‍द शादी की मुख्‍य वजह रही.

(इनपुट- आईएएनएस)
 

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