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Liquor Ban: शराबियों को अब जेल नहीं जुर्माना, Nitish सरकार कर रही कानून में संशोधन की तैयारी!

आगामी बजट सत्र में नीतीश कुमार सरकार शराबबंदी कानून में संशोधन का प्रस्ताव ला सकती है. 

Liquor Ban: शराबियों को अब जेल नहीं जुर्माना, Nitish सरकार कर रही कानून में संशोधन की तैयारी!

Bihar Chief Minister Nitish Kumar (Photo-PTI)

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डीएनए हिंदीः नीतीश सरकार अपने महत्वकांक्षी फैसले यानी शराबबंदी कानून में संशोधन (Change In Liquor Prohibition Law) ला सकती है. हालांकि इस मुद्दे पर किसी भी तरह से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन माना जा रहा है कि ब्यूरोक्रेसी और सरकार में इस बात को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है कि शराबबंदी कानून में कुछ फेरबदल किया जाए. नीतीश सरकार 2016 में लागू किए गए शराबबंदी कानून में 2018 के बाद यह दूसरा बड़ा संशोधन होगा. शराब पीकर पकड़े जाने वाले व्यक्ति को उस वक्त जमानत की सुविधा दी गई थी और तब थाने से ही 50,000 का जुर्माना देकर छोड़ने का प्रावधान किया गया था.

ये होगा बदलाव
मद्य निषेध विभाग सूत्रों की मानें तो यह संशोधन कुछ लचीला तो कई मामलों में और कड़ा हो जाएगा. मद्य निषेध विभाग ऑन स्पॉट डिसीजन ले सकेंगे. सूत्रों की मानें तो पहली बार शराब पीते पकड़े जाते हैं तो मद्य निषेध के अफसर आपको कुछ हिदायत के बाद छोड़ देंगे लेकिन बार बार पकड़े जाने पर जेल जाना तय है. ऑन स्पॉट फैसला लेने को लेकर मद्य निषेध टीम में मजिस्ट्रेट को जोड़ा जा रहा है. मजिस्ट्रेट को जिम्मेदारी दी जा रही है. 

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नए संसोधन में यह प्रावधान किया जा रहा है कि इसके दो भाग हो. पहला भाग जो जांच और छापेमारी करती है. जांच और छापेमारी वाले हिस्से में मजिस्ट्रेट को जोड़ा जा रहा है तो सम्पत्ति जब्ती वाले हिस्से की ओर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी यानी DCLR को जवाबदेही दी जा रही है. DCLR सम्पत्ति को जब्त करने में काम आएगी. शराब व्यवसाय से जुड़े माफियाओं की सम्पत्ति और जमीन तत्काल सरकार जब्त कर उसमें सरकारी कार्यालय, स्कूल आदि खोलेगी. ये कानून ठीक वैसे ही काम करेगा जैसे आय से अधिक संपत्ति मामले में कानून काम आता है. 

बजट सत्र में संशोधन लाने की तैयारी
बिहार विधानमंडल के आगामी बजट सत्र में शराबबंदी कानून में संशोधन का प्रस्ताव सरकार सदन में ला सकती है. नई व्यवस्था का मकसद न्यायालय में लंबित मामलों को कम करने के अलावा बड़े शराब माफियाओं और तस्करों को जल्द से जल्द सजा दिलवाना है. बता दें कि बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है. इसके तहत शराब बेचने और खरीदने पर प्रतिबंध है, इसका उल्लंघन करने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है.

(इनपुट - नवजीत कुमार)

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