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यमन में उम्रकैद की सज़ा काट रही केरल में जन्मी नर्स निमिषा प्रिया के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. मृतक तलाल के भाई ने सज़ा के संबंध में एक पत्र लिखा है. क्या है उस पत्र में? यहाँ देखें
केरल की नर्स निमिषा प्रिया यमन की जेल में बंद हैं . अब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है . मृतका के भाई अब्दुल फत्ताह ने निमिषा के खिलाफ एक पत्र लिखा है , जिसे जुलाई 2017 में यमन में यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी की हत्या के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी. अब इस नए घटनाक्रम से चिंता का माहौल बन गया है.
केरल के पलक्कड़ ज़िले के कोल्लेनगोड की 38 वर्षीय नर्स निमिषा प्रिया की हत्या के मामले में मृतका के भाई द्वारा लिखे गए एक पत्र ने चिंताएँ बढ़ा दी हैं . मृतका के भाई अब्दुल फत्ताह ने सज़ा पर तुरंत अमल की माँग की है. इस घटनाक्रम ने निमिषा के भविष्य पर और भी संदेह पैदा कर दिया है , जो यमन की राजधानी सना में हूती-नियंत्रित जेल में बंद है .
तलाल के भाई अब्दुल फत्ताह का आग्रह
मृतक तलाल के भाई अब्दुल फत्ताह ने यमन के उप-अटार्नी जनरल से तीसरी बार मुलाकात की है और 2020 में दी गई मौत की सज़ा को तुरंत लागू करने की मांग की है. एक फेसबुक पोस्ट में, फत्ताह ने इस हत्या को "यमनी इतिहास में अभूतपूर्व" बताया. तलाल के परिवार के उत्तराधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र उप-अटार्नी जनरल को सौंपा गया है.
इस पत्र में स्पष्ट रूप से इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि "हमारी एकमात्र माँग क़ानूनी प्रतिशोधात्मक फ़ैसले का तत्काल क्रियान्वयन है. हम कोई अन्य विकल्प स्वीकार नहीं करेंगे." इस दबाव ने सज़ा के क्रियान्वयन के लिए एक मज़बूत दबाव पैदा कर दिया है.
मामले का विवरण
जुलाई 2017 में , निमिषा प्रिया पर तलाल अब्दो महदी की हत्या का आरोप लगाया गया था. उनके बयान के अनुसार, तलाल ने उनका पासपोर्ट छीन लिया था, और उसे वापस पाने के लिए उन्होंने उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया, जिससे तलाल की मौत हो गई.
यमनी अदालत ने 2020 में उसे मौत की सज़ा सुनाई थी. निमिशा ने इस फैसले के खिलाफ यमन की सर्वोच्च न्यायिक परिषद में अपील की , लेकिन उसकी अपील खारिज कर दी गई. फ़िलहाल, वह सना की एक जेल में है, जो हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में है.
परिवार ने की सज़ा की मांग!
यमनी कानून के अनुसार, हत्या के मामले में मृतक का परिवार सज़ा कम करवाने के लिए रक्तदान यमनी राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के हस्तक्षेप के कारण फाँसी टाल दी गई. इस देरी से तलाल का परिवार नाराज़ है, और फ़तह के हालिया आग्रह ने सज़ा की तामील के लिए दबाव बढ़ा दिया है.
केरल के प्रयास क्या हैं?
केरल में निमिषा का परिवार और समुदाय उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश कर रहा है. 'सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल' नामक एक संस्था कानूनी और राजनयिक सहायता के लिए काम कर रही है. भारत सरकार यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्र में राजनयिक वार्ता के ज़रिए सज़ा कम करवाने की कोशिश कर रही है. हालाँकि, हूती विद्रोहियों के नियंत्रण के कारण मामला पेचीदा हो गया है.
निमिषा प्रिया का मामला यमन की न्याय व्यवस्था और भारत के कूटनीतिक प्रयासों के बीच टकराव को उजागर करता है. तलाल के परिवार की ज़िद ने सज़ा पर अमल पर दबाव डाला है, जबकि केरल के लोग उसकी जान बख्शने की माँग कर रहे हैं. इस मामले ने मानवीय और क़ानूनी, दोनों ही नज़रियों से ध्यान खींचा है और सभी इसके शीघ्र समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
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