Advertisement

Netaji Subhas Chandra Bose Statue से बेटी खुश, कांग्रेस पर लगाया यह बड़ा आरोप

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा अनावरण के फैसले का स्वागत बेटी अनीता बोस ने भी किया है. उन्होंने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई है.

Netaji Subhas Chandra Bose Statue से बेटी खुश, कांग्रेस पर लगाया यह बड़ा आरोप
Add DNA as a Preferred Source

डीएनए हिंदी: 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की इंडिया गेट पर लगने जा रही प्रतिमा का अनावरण पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे. जर्मनी में रह रहीं नेताजी की बेटी अनीता बोस ने इस फैसले पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि देर से ही सही सरकार कि लिया फैसला ठीक है. उन्होंने नेताजी की विरासत पर राजनीतिक पार्टियों के दावे को भी गैर-जरूरी बताया. 

नेताजी की विरासत को लेकर लड़ाई नहीं हो
नेताजी की बेटी अनीता बोस ने पश्चिम बंगाल की झांकी खारिज होने के विवाद पर कहा कि नेताजी की विरासत पर दावा करने को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच प्रतियोगित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल चुनावों से पहले कमेटी बनाने का भी ऐलान किया गया था लेकिन आज तक कमेटी बनी नहीं है. मुझे खुशी है कि आखिरकार अब प्रतिमा का अनावरण हो रहा है. मेरे लिए यह सरप्राइज की तरह था जब पता चला कि नेताजी की मूर्ति लगने वाली है. 

पढ़ें: अब India Gate पर नहीं जलेगी अमर जवान ज्योति, National War Memorial की लौ में हो जाएगी विलीन

कांग्रेस पर भी साधा निशाना
अनीता बोस ने अपने पिता की विरासत के साथ इंसाफ नहीं करने का जिम्मेदार कांग्रेस को ठहराया. उन्होंने कहा कि नेताजी की विरासत के साथ आज तक ठीक से न्याय नहीं हुआ है. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में ही कुछ लोग थे जिन्होंने उनकी गलत छवि बनाने की कोशिश की. नेताजी के गांधीजी के साथ विवादों पर भी उन्होंने खुलकर बात की. अनीता ने कहा कि मेरे पिता एक विद्रोही थे और गांधीजी उन्हें नहीं संभाल सकते थे. इसलिए, उन्होंने नेताजी नहीं बल्कि नेहरू को आगे बढ़ाया था. 

पढ़ें: 50 सालों से जलती रही Amar Jawan Jyoti, जानें क्या है इतिहास और विरासत

'नेताजी हिंदू थे पर धर्म के नाम पर किसी की हत्या नहीं करते'
अनीता बोस ने यह भी कहा कि नेताजी पारंपरिक हिंदू थे. हिंदू धर्म में उनकी आस्था थी लेकिन सिर्फ धर्म के नाम पर वह किसी हत्या को जायज नहीं ठहरा सकते थे. धर्म के नाम पर होने वाली हत्याएं हम आजादी के बाद से ही देख रहे हैं. 

इनपुट: अदिति त्यागी

Read More
Advertisement
Advertisement
Advertisement