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Earthquake News: बंगाल की खाड़ी से नेपाल तक हिली धरती, 5.0 तीव्रता के भूकंप का असर दिल्ली समेत उत्तर भारत तक

Earthquake News: नेपाल में 5.0 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जबकि इससे ठीक पहले बंगाल की खाड़ी में भी 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. यह भूकंप दक्षिण पूर्व एशिया में म्यांमार से थाइलैंड-इंडोनेशिया तक आए भयानक भूकंपों से जोड़ा जा रहा है.

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Earthquake News: बंगाल की खाड़ी से नेपाल तक हिली धरती, 5.0 तीव्रता के भूकंप का असर दिल्ली समेत उत्तर भारत तक
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Earthquake News: दक्षिण एशिया की धरती शुक्रवार शाम को एक बार फिर भूकंप के झटकों से डोल गई है. नेपाल में शाम 7.52 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई है. इस भूकंप का असर दिल्ली-नोएडा समेत समूचे उत्तर भारत में भी महसूस किया गया है. भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि नेपाल में आए भूकंप से ठीक पहले बंगाल की खाड़ी में भी समुद्र के अंदर भूगर्भीय हलचल को भूकंप के रूप में दर्ज किया गया है. बंगाल की खाड़ी में 5.50 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.2 दर्ज की गई है. हालांकि इससे बंगाल की खाड़ी में सुनामी जैसी किसी लहर के बनने की सूचना अब तक नहीं मिली है, लेकिन हालात पर नजर रखी जा रही है.

नेपाल में 20 किमी और बंगाल की खाड़ी में 10 किमी गहराई पर भूकंप
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Center for Seismology) के मुताबिक, नेपाल में आए भूकंप का केंद्र सतह से करीब 20 किलोमीटर गहराई पर था. यह केंद्र नेपाल के पाजारू शहर के करीब था. भूकंप के झटके लगने पर लोग घबराकर बाहर की तरफ भागने लगे. कुछ बिल्डिंगों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है. अभी पूरी जानकारी आनी बाकी है. इससे पहले बंगाल की खाड़ी में आए भूकंप का केंद्र सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे था. इस भूकंप के कारण समुद्र तल हिल गया है.

लगातार हिल रही दक्षिण एशिया की धरती
दक्षिण एशिया की धरती लगातार हिल रही है. खासतौर पर भारत के पड़ोसी देशों में लगातार भूकंप आए हैं. पहले म्यांमार में भूकंप आया था, जिसने भयानक तबाही मचाई है. इस भूकंप के कारण अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है. इसी भूकंप के साथ थाईलैंड और इंडोनेशिया में भी भयंकर भूकंप आए, जिनसे वहां भी बहुत तबाही मची है. इसके बाद पाकिस्तान के बलूचिस्तान में भूकंप आया है और अब नेपाल में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इससे साफ दिखाई दे रहा है कि दक्षिण एशिया के भूगर्भ में बड़ी हलचल हो रही है, जिससे ज्यादा बड़ी आपदा भी हो सकती है.

भूकंप के लिए बेहद संवेदनशील है ये इलाका
दक्षिण एशिया का इलाका हमेशा से ही भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. दरअसल यहां टेक्टोनिक प्लेटों के बीच में बहुत ज्यादा घर्षण है, जिसके चलते लगातार ऊर्जा बाहर निकलती रहती है और भूकंप का कारण बनती रहती है. हजारों साल पहले हिमालय पर्वत भी ऐसे ही घर्षण के नतीजे के तौर पर सामने आया था. नेपाल और उससे सटे भारतीय इलाकों में पिछले कुछ दशकों में बड़े पैमाने पर भयकंर भूकंप इसी घर्षण के कारण आ चुके हैं, जिनमें हजारों लोगों की मौत हुई थी.

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