भारत
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने चेन्नई हवाई अड्डे पर चॉकलेट में छिपाकर रखी गई 60 करोड़ रुपये की 6 किलो कोकीन ज़ब्त की. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा, दिल्ली में एक नाइजीरियाई नागरिक और मुंबई में एक अन्य को भी गिरफ्तार किया गया है.
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगभग 6 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाली कोकीन ज़ब्त की है, जिसे एक प्रीमियम ब्रांड की चॉकलेट जैसा दिखने के लिए बड़ी चालाकी से पैक किया गया था. काला बाज़ार में लगभग 60 करोड़ रुपये की कीमत वाली इस ड्रग्स को सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट के साथ एक संयुक्त अभियान में पकड़ा गया.
सोमवार को इथियोपिया के अदीस अबाबा से आने के बाद दो यात्रियों को हिरासत में लिया गया. 25 और 26 साल के ये दोनों व्यक्ति उत्तराखंड के बागेश्वर और हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के रहने वाले हैं. अधिकारियों के अनुसार, दोनों पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी के लिए कई बार भारत आ चुके हैं.
NCB Chennai conducted a joint operation along with Air Intelligence Unit, Chennai Customs, which resulted in the seizure of 5.618 kg of Cocaine at Chennai International Airport. Two Indian nationals- one resident of Bageshwar, UK (25 years old BA Graduate) and Chamba, HP (26… pic.twitter.com/Lab55V6peh
— ANI (@ANI) September 2, 2025
उनकी गिरफ्तारी के बाद, जाँच का दायरा बढ़ गया. सिंडिकेट का वितरण नेटवर्क चलाने के आरोप में एक नाइजीरियाई नागरिक को दिल्ली से पकड़ा गया, जबकि चंबा के एक अन्य व्यक्ति को मुंबई में हिरासत में लिया गया. जाँचकर्ताओं का मानना है कि यह समूह इथियोपिया से भारत में कोकीन की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा है.
अधिकारियों ने बताया कि भारत में कोकीन आमतौर पर एक ग्राम के पैकेट में बिकता है, जिसकी कीमत शुद्धता के आधार पर 8,000 रुपये से 12,000 रुपये के बीच होती है. ज़ब्त किया गया माल, जो उच्च श्रेणी का माना जाता है, देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाना था, और आगे वितरण के लिए दिल्ली मुख्य केंद्र था.
एनसीबी ने यह भी खुलासा किया कि नाइजीरियाई नागरिक 2023 में मेडिकल वीज़ा पर भारत आया था, लेकिन पिछले साल से ही यहाँ रुका हुआ था. कथित तौर पर, इस नेटवर्क को अदीस अबाबा में एक भारतीय मूल के व्यक्ति का समर्थन प्राप्त था, जो आपूर्ति का प्रबंध करता था और सदस्यों के बीच मुनाफ़ा बाँटता था.
एजेंसी ने अब तय समय से ज़्यादा समय तक रहने वाले विदेशियों, खासकर नशीली दवाओं की तस्करी के संदिग्ध अफ्रीकी नागरिकों का ब्यौरा राज्य के अधिकारियों के साथ साझा किया है ताकि उन पर विदेशी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सके. कार्टेल के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए जाँच जारी है.
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