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Nainital Minor Rape Case: नैनीताल में बच्ची से रेप के आरोपी से माफी मांगेगा प्रशासन, हाई कोर्ट का फैसला, पढ़ें 5 पॉइंट्स

Nainital Minor Rape Case: नैनीताल में 12 साल की नाबालिग हिंदू बच्ची से दुष्कर्म करने का आरोप 73 साल के उस्मान पर लगा था, जिसके बाद हिंदू समुदाय भड़का हुआ है. जिला प्रशासन ने भी उस्मान के मकान के खिलाफ अतिक्रमण नोटिस जारी किया था.

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Nainital Minor Rape Case: नैनीताल में बच्ची से रेप के आरोपी से माफी मांगेगा प्रशासन, हाई कोर्ट का फैसला, पढ़ें 5 पॉइंट्स
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Nainital Minor Girl Rape Case: उत्तराखंड के टॉप टूरिस्ट डेस्टिनेशन नैनीताल (Nanital) को हिला देने वाले नाबालिग हिंदू बच्ची से रेप के मामले में एक नया मोड़ आया है. 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी 73 वर्षीय उस्मान की याचिका पर नैनीताल हाई कोर्ट (Nanital High Court) ने शुक्रवार को उसे राहत देने वाला फैसला सुनायाा है. हाई कोर्ट ने उस्मान के कथित तौर पर सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करके घर बनाने के खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने का आदेश जिला प्रशासन को दिया है. साथ ही प्रशासन को इस कार्रवाई के लिए उस्मान और उसके परिवार से बिना शर्त माफी मांगने का भी आदेश दिया है. पूरे राज्य में तनाव पैदा करने वाले दुष्कर्म को लेकर नैनीताल में फूटे हिंदू समुदाय के गुस्से पर भी हाई कोर्ट ने नाराजगी जताई है और प्रशासन व पुलिस को आगे ऐसी कोई घटना नहीं होने देने की ताकीद की है. दरअसल गुरुवार को नाबालिग बच्चे से रेप की घटना सामने आने पर हिंदू समुदाय सड़कों पर उतर आया था और मुस्लिम समुदाय की दुकानों में तोड़फोड़ की थी.

आइए आपको 5 पॉइंट्स में हाई कोर्ट का फैसला और दुष्कर्म केस में अन्य सभी अपडेट्स की जानकारी देते हैं.

1. हाई कोर्ट ने नोटिस को बताया पूरी तरह अनुचित
नैनीताल हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन की तरफ से मकान पर जारी अतिक्रमण नोटिस को पूरी तरह अनुचित बताया है. हाई कोर्ट ने नगर पालिका नैनीताल को उस्मान व अन्य लोगों के खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने का आदेश दिया है. दरअसल उस्मान के वकील डॉ. कार्तिकेय हरि गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट के अतिक्रमण हटाने से पूर्व 15 दिन का नोटिस देने के आदेश की दलील रखी थी. उन्होंने उस्मान के जेल में होने के बावजूद उसे महज 3 दिन का समय देने का मुद्दा उठाया. इस पर हाई कोर्ट ने नोटिस रद्द करने का आदेश जारी किया है.

2. आरोप से माफी मांगे प्रशासन, बवाल से सख्ती से निपटे पुलिस
हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जी. नरेंद्र व जस्टिस रवींद्र मैठाणी की स्पेशन बेंच ने सुनवाई में जिला प्रशासन को आरोपी उस्मान से बिना शर्त माफी मांगने का आदेश दिया. नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रथम व द्वितीय ने नोटिस में 3 दिन का समय देने की गलती को स्वीकार किया और उसे वापस लेने की जानकारी बेंच को दी. नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा को हाई कोर्ट ने नैनीताल में हुई विरोध प्रदर्शन को लेकर कड़ी फटकार लगाई और ऐसे मामलों से सख्ती से निपटने का आदेश दिया. हाई कोर्ट ने पुलिस और नगर पालिका को अगली सुनवाई पर 6 मई के दिन इन आदेशों के पालन की रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

3. वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति बना है घर
जिला प्रशासन की जांच में सामने आया था कि आरोपी उस्मान और कई अन्य ने रुकुट कंपाउंड में वन विभाग की जमीन पर बिना अनुमति अवैध तरीके से घर बनाए हैं. उनके घरों पर तीन दिन में इस अतिक्रमण को लेकर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था. ऐसा नहीं करने पर अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्रवाई होनी थी. संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल ने बताया था कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश के बाद चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है. इसमें नगर पालिका, जिला प्रशासन व प्राधिकरण की संयुक्त टीमों ने सत्यापन के बाद करीब 150 लोगों को नोटिस जारी किए हैं. इस नोटिस को ही उस्मान की तरफ से हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है.

4. नैनीताल में लगातार दूसरे दिन हंगामा, बाजार बंद
नैनीताल में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में जनता का आक्रोश थम नहीं रहा है. शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन नैनीताल में हंगामे का माहौल रहा. बाजार बंद रखे गए और भीड़ ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया. इस दौरान आईजी कार्यालय के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया. जुमे की नमाज के चलते टकराव की आशंका से जिला प्रशासन ने शुक्रवार को माल रोड पर कड़ी सुरक्षा कर रखी थी, जिसके लिए सशस्त्र सीमा बल (SSB) को तैनात किया गया था. अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहकर पल-पल की खबर ले रहे थे.

5. लगातार दो दिन हंगामा, शहर छोड़कर भागे टूरिस्ट्स
नैनीताल को सबसे मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन में गिना जाता है. इसके बावजूद शुक्रवार को शहर में सूनापन दिखाई दिया. गुरुवार को मस्जिद पर पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ के कारण शहर में मौजूद टूरिस्ट्स में खौफ का माहौल था. शुक्रवार को भी शहर की सड़कों पर हंगामा और नारेबाजी देखने के बाद अधिकतर टूरिस्ट्स अपनी होटल बुकिंग बीच में ही रद्द करके चले गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हंगामे की खबरें नेशनल चैनलों पर चलने के बाद बहुत सारे टूरिस्ट्स ने अपनी अगले कुछ दिन की होटल बुकिंग रद्द करा दी है. इससे शहर के टूरिज्म बिजनेस पर खासा असर पड़ा है.

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